उत्तर पश्चिम रेलवे ने हनुमानगढ़-गोगामेड़ी रेल खंड पर ट्रेनों की सेक्शनल स्पीड बढ़ा दी है। अब इस लगभग 100 किलोमीटर लंबे एकल लाइन खंड पर ट्रेनें 80 किलोमीटर प्रति घंटा की बजाय 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। इस कदम से रेल यातायात अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यह बढ़ोतरी ट्रैक और सिग्नलिंग प्रणाली के व्यापक उन्नयन के बाद संभव हुई है। इस खंड पर आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है, ट्रैक की गुणवत्ता में सुधार किया गया है, तकनीकी खामियों को दूर किया गया है और आवश्यक संरचनात्मक कार्य पूरे किए गए हैं। विद्युतीकरण और सुरक्षा मानकों को भी मजबूत किया गया है, जिससे पुराने गति प्रतिबंध हटाए जा सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सेक्शनल स्पीड बढ़ने से इस मार्ग पर चलने वाली यात्री और मालगाड़ियों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और उनका सफर अधिक सुगम व आरामदायक बनेगा। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि तेज गति के बावजूद सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है, बल्कि नई तकनीकों से परिचालन को और अधिक सुरक्षित बनाया गया है। बढ़ी हुई गति क्षमता के कारण भविष्य में इस रेल खंड पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन भी संभव हो सकेगा। इससे हनुमानगढ़ और गोगामेड़ी क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे का मानना है कि यह उपलब्धि क्षेत्रीय विकास और उत्तर पश्चिम रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


