हनुमानगढ़ में 5 एजेंसियों से गेहूं खरीद का विरोध:कलेक्टर से मिले व्यापारी और किसान, एफसीआई से ही खरीद की मांग

हनुमानगढ़ में 5 एजेंसियों से गेहूं खरीद का विरोध:कलेक्टर से मिले व्यापारी और किसान, एफसीआई से ही खरीद की मांग

हनुमानगढ़ में गेहूं खरीद व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों का विरोध शुरू हो गया है। कलक्ट्रेट परिसर में व्यापारी, किसान और मजदूर संगठनों ने शनिवार को जिला कलेक्टर के साथ बैठक कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इन संगठनों ने मांग की है कि गेहूं खरीद का कार्य केवल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से ही कराया जाए। व्यापारियों ने बताया कि पिछले रबी सीजन में एफसीआई की गेहूं खरीद व्यवस्था संतोषजनक थी। बारदाना वितरण, तौल, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया सुचारु रूप से चली थी, जिससे किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने तर्क दिया कि बिना किसी ठोस कारण के व्यवस्था में बदलाव से अव्यवस्था फैल सकती है। संगठनों ने यह भी चिंता जताई कि मंडियों को पांच ब्लॉक में बांटकर अलग-अलग एजेंसियों को शामिल करने से तालमेल की कमी, भुगतान में देरी और प्रशासनिक उलझनें बढ़ सकती हैं। व्यापारियों ने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि अन्य एजेंसियों के साथ काम करने पर समय पर भुगतान न होने, मजदूरों को मेहनताना देर से मिलने और किसानों को अनावश्यक रूप से मंडियों में रुकना पड़ने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। किसान प्रतिनिधियों ने एफसीआई की व्यवस्था को भरोसेमंद बताया। उनका कहना था कि समय पर भुगतान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। मजदूर संगठनों ने भी एफसीआई के साथ काम में मजदूरी समय पर मिलने और व्यवस्था के पारदर्शी होने की बात कही। जिला कलेक्टर ने सभी पक्षों की बातें गंभीरता से सुनीं और सुझावों को राज्य सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने कलेक्टर से मांग की कि मंडियों को पांच ब्लॉक में बांटने का निर्णय वापस लिया जाए और गेहूं खरीद की पूरी जिम्मेदारी एफसीआई को ही दी जाए। बैठक में पदम जैन, रामलाल किरोड़ीवाल, दलीप सिंह, प्रवीण तलवाड़िया, इंद्राज देग, पवन बंसल, सोहन सिंह और बालकृष्ण कर्मचंदानी सहित कई व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद थे।

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