सीवान में आवास सहायक 500 रुपए रिश्वत लेते पकड़ाया:प्रधानमंत्री आवास योजना में घूसखोरी का खुलासा, वरीय अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट

सीवान में आवास सहायक 500 रुपए रिश्वत लेते पकड़ाया:प्रधानमंत्री आवास योजना में घूसखोरी का खुलासा, वरीय अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट

सरकार भले ही प्रधानमंत्री आवास योजना सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं में जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता की बात करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। जांच, फोटोग्राफी और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर गरीब लाभुकों से अवैध वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सीवान के नवतन प्रखंड अंतर्गत खलवा गांव से सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभुक महिला से रिश्वत लेते हुए एक आवास सहायक को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।पीड़िता ज्ञान्ती देवी, जो ग्राम पंचायत राज खलवां के वार्ड संख्या 6, सेमरा की स्थायी निवासी हैं, ने इस संबंध में नवतन की प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रमाण सहित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। ”विरोध करने पर फोटो ऑनलाइन नहीं की गई” आवेदन में उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 को प्रखंड कार्यालय से जुड़े दो लोग उनके घर प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच और फोटोग्राफी के लिए पहुंचे थे। घर देखने के बाद उन लोगों ने यह कहकर रुपये की मांग की कि “शुल्क लगेगा, तभी आवास पास होगा”, जबकि योजना की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। विरोध करने पर उनकी फोटो ऑनलाइन नहीं की गई। पीड़िता के अनुसार, अगले दिन 14 जनवरी को वे दोनों फिर पहुंचे और 500 रुपए की मांग करते हुए कहा कि यह राशि ब्लॉक में जमा होगी, तभी आवास ऑनलाइन स्वीकृत होगा। इस बीच ज्ञान्ती देवी ने पूरे मामले की जानकारी पंचायत की मुखिया को दे दी थी। मुखिया ने निर्देश दिया कि जैसे ही वे लोग दोबारा आएं, तुरंत सूचना दी जाए। मुखिया सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और जांच की दोपहर में जब आवास सहायक सुनील कुमार ने पुनः 500 रुपए की मांग की, तो पीड़िता ने पहले नोट का सीरियल नंबर रिकॉर्ड किया और वीडियो बनाकर वही 500 रुपए उन्हें दे दिए। पैसा लेने के बाद सुनील कुमार ने आवास की फोटो ऑनलाइन कर दी। इसके तुरंत बाद मुखिया को सूचना दी गई, जिस पर मुखिया सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और जांच की। शुरुआत में आवास सहायक ने पैसे लेने से इनकार किया, लेकिन जब तलाशी ली गई तो उसके पॉकेट से वही 500 रुपए का नोट बरामद हुआ, जिसका वीडियो और सीरियल नंबर पहले से रिकॉर्ड था। पूरे घटनाक्रम का वीडियो प्रमाण भी उपलब्ध है। आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में आरोप सही पाए गए मामले पर नवतन की प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजली कुमारी ने बताया कि पीड़िता के आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद आवास सहायक सुनील कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि योजनाएं भले ही कागजों पर निःशुल्क हों, लेकिन भ्रष्ट कर्मियों के कारण गरीबों को आज भी शोषण का सामना करना पड़ रहा है। सरकार भले ही प्रधानमंत्री आवास योजना सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं में जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता की बात करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। जांच, फोटोग्राफी और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर गरीब लाभुकों से अवैध वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सीवान के नवतन प्रखंड अंतर्गत खलवा गांव से सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभुक महिला से रिश्वत लेते हुए एक आवास सहायक को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।पीड़िता ज्ञान्ती देवी, जो ग्राम पंचायत राज खलवां के वार्ड संख्या 6, सेमरा की स्थायी निवासी हैं, ने इस संबंध में नवतन की प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रमाण सहित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। ”विरोध करने पर फोटो ऑनलाइन नहीं की गई” आवेदन में उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 को प्रखंड कार्यालय से जुड़े दो लोग उनके घर प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच और फोटोग्राफी के लिए पहुंचे थे। घर देखने के बाद उन लोगों ने यह कहकर रुपये की मांग की कि “शुल्क लगेगा, तभी आवास पास होगा”, जबकि योजना की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। विरोध करने पर उनकी फोटो ऑनलाइन नहीं की गई। पीड़िता के अनुसार, अगले दिन 14 जनवरी को वे दोनों फिर पहुंचे और 500 रुपए की मांग करते हुए कहा कि यह राशि ब्लॉक में जमा होगी, तभी आवास ऑनलाइन स्वीकृत होगा। इस बीच ज्ञान्ती देवी ने पूरे मामले की जानकारी पंचायत की मुखिया को दे दी थी। मुखिया ने निर्देश दिया कि जैसे ही वे लोग दोबारा आएं, तुरंत सूचना दी जाए। मुखिया सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और जांच की दोपहर में जब आवास सहायक सुनील कुमार ने पुनः 500 रुपए की मांग की, तो पीड़िता ने पहले नोट का सीरियल नंबर रिकॉर्ड किया और वीडियो बनाकर वही 500 रुपए उन्हें दे दिए। पैसा लेने के बाद सुनील कुमार ने आवास की फोटो ऑनलाइन कर दी। इसके तुरंत बाद मुखिया को सूचना दी गई, जिस पर मुखिया सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और जांच की। शुरुआत में आवास सहायक ने पैसे लेने से इनकार किया, लेकिन जब तलाशी ली गई तो उसके पॉकेट से वही 500 रुपए का नोट बरामद हुआ, जिसका वीडियो और सीरियल नंबर पहले से रिकॉर्ड था। पूरे घटनाक्रम का वीडियो प्रमाण भी उपलब्ध है। आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में आरोप सही पाए गए मामले पर नवतन की प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजली कुमारी ने बताया कि पीड़िता के आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद आवास सहायक सुनील कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि योजनाएं भले ही कागजों पर निःशुल्क हों, लेकिन भ्रष्ट कर्मियों के कारण गरीबों को आज भी शोषण का सामना करना पड़ रहा है।  

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