Sadhvi Prem Baisa Death News: साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से उठा बड़ा सवाल! क्या गलत इंजेक्शन ले सकता है जान? इंजेक्शन लगवाने से पहले जान लें ये बातें

Sadhvi Prem Baisa Death News: साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से उठा बड़ा सवाल! क्या गलत इंजेक्शन ले सकता है जान? इंजेक्शन लगवाने से पहले जान लें ये बातें

Sadhvi Prem Baisa Death News: राजस्थान की लोकप्रिय आध्यात्मिक गुरु साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने सबको चौंका दिया है। परिजनों का आरोप है कि सामान्य अस्वस्थता के बाद एक कंपाउंडर द्वारा घर पर लगाए गए इंजेक्शन ने उनकी जान ले ली। यह घटना हमारी उस बड़ी गलती को उजागर करती है कि सामान्य सर्दी-जुकाम हो या खांसी, हम लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय घर पर ही किसी कंपाउंडर से बिना डॉक्टरी सलाह के इंजेक्शन लगवा लेते हैं। आइए जानते हैं कि इंजेक्शन लगवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्या होता है गलत इंजेक्शन लगवाने से?(Health Warning)

जब हमारे शरीर में कोई ऐसी दवा प्रवेश करती है जिसे हमारा इम्यून सिस्टम स्वीकार नहीं करता, तो शरीर बहुत तीव्र प्रतिक्रिया देता है। इसे ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ कहते हैं। यदि मरीज को तुरंत ‘लाइफ सपोर्ट’ या एंटी-एलर्जी इंजेक्शन (Adrenaline) न मिले, तो मौत निश्चित है। साध्वी प्रेम बाईसा के मामले में भी इसी तरह अचानक तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है।

गलत इंजेक्शन लगने के लक्षण क्या होते हैं?(Injection Risks)

  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • गले में दर्द होना।
  • बोलने में कठिनाई होना।
  • गले में सूजन आना।
  • ब्लड प्रेशर का अचानक कम होना।
  • अचानक से बेहोश हो जाना।

घर पर इंजेक्शन लगवाना क्यों सुसाइड के बराबर है?(Injection Risks)

  • इमरजेंसी किट की कमी
  • गलत तकनीक से इंजेक्शन लगवाना।
  • घर के माहौल में त्वचा को पूरी तरह स्टरलाइज (कीटाणुमुक्त) करना मुश्किल होता है।

इंजेक्शन लगवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?(Injection Risks Prevention)

  • रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (MBBS/MD) की सलाह से ही इंजेक्शन लगवाएं।
  • कोई भी नया इंजेक्शन लगवाने से पहले सेंसिटिविटी टेस्ट जरूर करवाएं।
  • इंजेक्शन हमेशा अस्पताल या नर्सिंग होम के ‘प्रोसीजर रूम’ में ही लगवाएं।
  • इंजेक्शन लगने के बाद कम से कम 20 मिनट तक डॉक्टर की निगरानी में ही रुकें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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