Measles Outbreak: आगरा में खसरे की दस्तक! 11 हजार बच्चों का टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Measles Outbreak: आगरा में खसरे की दस्तक! 11 हजार बच्चों का टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Measles Outbreak: अभी देश में निपाह वायरस और मंकी फीवर का कहर थमा भी नहीं था कि एक और बीमारी ने अपनी दस्तक दे दी है। आगरा में खसरे का प्रकोप शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कई क्षेत्रों में खसरे के नए मरीज सामने आए हैं। इसके खतरनाक असर को देखते हुए एक विशेष टीकाकरण टीम का गठन किया गया है, जिसके द्वारा लगभग 11 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया।
सीएमओ (CMO) के आदेश पर प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। खसरे के प्रभाव से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। आइए जानते हैं कि खसरा क्या होता है, इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय क्या हैं।

क्या होता है Measles?

खसरा एक बेहद संक्रामक बीमारी है जो श्वसन तंत्र के माध्यम से छींकने, खांसने और एक-दूसरे के संपर्क से फैलती है। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों में होती है, लेकिन बड़े भी इसका शिकार हो सकते हैं। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, उन लोगों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है।

Measles के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर जारी हुआ?

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग अपनी पूरी तैयारी के साथ है। विभाग ने 0562-2600412 नंबर जारी किया है। हेल्पलाइन पर सूचना देने पर टीम घर जाकर बच्चे की जांच करेगी और पुष्टि होने पर बच्चे को टीके के साथ विटामिन ए की खुराक भी दी जाएगी।

Measles के लक्षण क्या होते हैं?(Measles Symptoms)

  • बहुत तेज बुखार आना।
  • शरीर पर लाल रंग के चकत्ते बनना।
  • आंख और नाक से लगातार पानी आना।
  • गले में खराश के साथ खांसी होना।

Measles के कारण क्या होते हैं?(Measles Causes)

  • खसरा मुख्य रूप से ‘पैरामिक्सो’ वायरस के कारण होता है।
  • यह वायरस हवा के जरिए फैलता है।
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह फैलता है।
  • सतह के संपर्क के बाद यह वायरस 2 घंटे तक जीवित रहता है, उसे छूने से भी संक्रमण फैल सकता है।

Measles से बचाव के उपाय क्या हैं?(Measles Prevention)

  • MMR (Measles, Mumps, and Rubella) का टीका बच्चों को आवश्यक रूप से लगवाएं।
  • संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
  • विटामिन ए की पूरी खुराक लें।
  • स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार को अपनी डाइट में शामिल करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *