Economic Survey 2025-26 : खुशखबर, केंद्र सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए नवाचारों की सराहना की गई है। सर्वेक्षण में कोविड काल के बाद निरंतर वित्तीय सुधारों से राजस्व घाटे और मुद्रास्फीति में आई कमी का जिक्र है। इस बीच राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि प्रदेश में राजस्व घाटा लगातार कम हो रहा है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान में मुद्रास्फीति वर्ष 2022-23 में 6.92 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में घटकर 6.39, 2024-25 में 4.34 और 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान 0.81 प्रतिशत रह गई। वहीं राजस्थान सरकार के अनुसार प्रदेश का राजस्व घाटा 2023-24 में 38,954 करोड़ रुपए से घटकर 2024-25 के संशोधित अनुमानों में 31,939 करोड़ रुपए हो गया। 2025-26 के बजट में इसे और घटकर 31,009 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
इन नवाचारों को मिली सराहना
कैश प्लस मॉडल : बाल और मातृ कुपोषण से निपटने के लिए वर्ष 2021-22 में प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और बारां जिलों में यह मॉडल लागू किया गया, जिसका विस्तार 2022-23 में किया गया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत डीबीटी से दी जाने वाली राशि के पोषण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ी, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप 2025 तक 35 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार दर्ज किया गया।
कैरियर एजुकेशन प्रोग्राम
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन और कौशल-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने से रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिला।
अन्य पहलें भी रहीं प्रभावी
1- ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण के लिए संस्थागत रूप में गांवों के साझा प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग, दस्तावेजीकरण व संरक्षण पर जोर दिया।
2- भवन योजनाओं के अनुमोदन में थर्ड-पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था।


