स्वर्ण नगरी के शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में शुक्रवार रात को ‘मरु महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सुर, ताल और रोशनी के अद्भुत त्रिकोण ने महोत्सव को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी रौनक बॉलीवुड और सूफी संगीत की उभरती सितारा मधुमति बागची रहीं। मधुमति ने जब अपनी मखमली आवाज में ‘अग्नि नंदिनी… महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र’ का गायन शुरू किया, तो पूरा स्टेडियम भक्ति के रस में डूब गया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी गायकी का रंग बदला और ‘आज की रात मजा हुस्न का’, ‘उई अम्मा’, और ‘नीले-नीले अम्बर पे’ जैसे सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी। उनकी एनर्जी देखकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई अपनी जगह पर झूमने को मजबूर हो गया। तकनीक का कमाल: आसमान में उकेरी गई विरासत रात्रि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अत्याधुनिक ड्रोन शो रहा। मंगलसिंह पार्क से उड़ान भरकर करीब 200 ड्रोन्स ने शहीद पूनम सिंह स्टेडियम के ठीक ऊपर आसमान में भारतीय संस्कृति, कला और राष्ट्रप्रेम की आकृतियाँ उकेरीं। कभी आसमान में तिरंगा लहराता दिखा, तो कभी राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत की झलक दिखी। तकनीक के इस करिश्मे को देख दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गुंजा दिया। लोक रंगों की छटा: अग्नि नृत्य ने बढ़ाई धड़कनें इससे पूर्व, कार्यक्रम का आगाज सूरज चांगड़ा की गणेश वंदना से हुआ। लोक नृत्यांगना अरुशिखा ने घूमर और चरी नृत्य के माध्यम से राजस्थानी नजाकत पेश की, तो वहीं अनु सोलंकी ने घुटना चकरी से अपनी कला का लोहा मनवाया। कलाकार भरत द्वारा प्रस्तुत अग्नि नृत्य ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। जमाल खान और शेर मोहम्मद की जुगलबंदी ने लोकगीतों के माध्यम से मारवाड़ की माटी की खुशबू बिखेरी। पद्मश्री तगाराम भील का सम्मान सांस्कृतिक संध्या के दौरान विख्यात अलगोजा वादक पद्यश्री तगाराम भील ने अपनी जादुई प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनकी कला के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसराम सैनी और एसडीएम सक्षम गोयल ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया। आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान कार्यक्रम का समापन भव्य आतिशबाजी के साथ हुआ। जैसलमेर का आसमान सतरंगी रोशनियों से नहा उठा, जिसने महोत्सव के दूसरे दिन की सफल समाप्ति की घोषणा की। देर रात तक स्टेडियम दर्शकों की भीड़ से सराबोर रहा। ये खबर भी पढ़ें…. 2 मिनट में खाए आधा किलो लड्डू:83 लाख का सोना पहनकर पहुंचीं स्टूडेंट बनीं मिस मूमल;दाढ़ी-मूंछों के लिए खाना छोड़ने वाले मनीष मिस्टर डेजर्ट… जैसलमेर में मरु महोत्सव के पहले दिन बीकानेर की बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट कुसुम पंवार (20) मिस मूमल बनीं। कुसुम 45 तोला गोल्ड ज्वेलरी (करीब 83 लाख रुपए) पहनकर पहुंची थीं। फेस्टिवल के लिए भाई अंकित ने तैयार किया था। दाढ़ी-मूंछों के लिए खाना छोड़कर रोजाना मक्खन से मालिश करने वाले जैसलमेर के मनीष पंवार मिस्टर डेजर्ट बने। वहीं मिसेज जैसलमेर प्रतियोगिता का खिताब ‘ताज’ ने अपने नाम किया। साफा बांधो (देशी) प्रतियोगिता में शैतान सिंह विजेता रहे, जबकि विदेशी कैटेगरी में हॉलैंड की पुक ने पहला स्थान हासिल किया। मूंछ प्रतियोगिता में गोपाल सिंह को विजेता घोषित किया गया। पारंपरिक खान-पान से जुड़ी प्रतियोगिता में 33 साल के राजेंद्र सिंह ने 2 मिनट में आधा किलो घोटुवा लड्डू खाकर सबको चौंका दिया और विजेता बने। (खबर पढ़ें)


