मोइनुल हक स्टेडियम को तोड़ कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉम्प्लेक्स बनाने का रास्ता अब साफ हो गया है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और निर्माण कंपनी एसआईडीपीएल के बीच शुक्रवार को करार हो गया। करीब 498 करोड़ की लागत से इसका निर्माण होगा। करीब 30 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रिकेट से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।बीसीए के सचिव जियाउल अरफीन ने कहा कि राजेंद्रनगर में बनने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉम्प्लेक्स बिहार क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव रखेगा। 300 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा। पहले चरण में मुख्य खेल क्षेत्र और जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और मैच की तैयारी के लिए 12 से 16 पिचों का निर्माण होगा। मुख्य क्रिकेट स्टेडियम, आधुनिक पवेलियन, अभ्यास पिच, इनडोर अभ्यास केंद्र, ड्रेसिंग रूम, मीडिया केंद्र और प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा। करीब 300 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। क्रिकेट एकेडमी भी बनेगी बिहार सरकार द्वारा बीसीसीआई को 30 साल के लिए यह स्टेडियम सौंपा गया है। यह काम जनवरी 2025 में ही शुरू करना था। इस तरह यह प्रोजेक्ट एक साल लेट हो चुका है। नई डेडलाइन 2029 तय की गई है। 40 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां क्रिकेट के अलावा बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट भी होगा। एक डेडिकेटेड क्रिकेट एकेडमी भी होगी। प्रवेश और निकास के लिए चार मेन गेट होंगे। बड़े टूर्नामेंट होंगे : यह परियोजना बिहार में क्रिकेट के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह क्रिकेट कॉम्प्लेक्स भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन में सहायक होगा। खिलाड़ियों के आवास, अभ्यास पिच और प्रशिक्षण सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि राज्य की प्रतिभाओं को बेहतर माहौल मिल सके। -हर्षवर्धन, अध्यक्ष, बीसीए मोइनुल हक स्टेडियम को तोड़ कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉम्प्लेक्स बनाने का रास्ता अब साफ हो गया है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और निर्माण कंपनी एसआईडीपीएल के बीच शुक्रवार को करार हो गया। करीब 498 करोड़ की लागत से इसका निर्माण होगा। करीब 30 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रिकेट से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।बीसीए के सचिव जियाउल अरफीन ने कहा कि राजेंद्रनगर में बनने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉम्प्लेक्स बिहार क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव रखेगा। 300 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा। पहले चरण में मुख्य खेल क्षेत्र और जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और मैच की तैयारी के लिए 12 से 16 पिचों का निर्माण होगा। मुख्य क्रिकेट स्टेडियम, आधुनिक पवेलियन, अभ्यास पिच, इनडोर अभ्यास केंद्र, ड्रेसिंग रूम, मीडिया केंद्र और प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा। करीब 300 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। क्रिकेट एकेडमी भी बनेगी बिहार सरकार द्वारा बीसीसीआई को 30 साल के लिए यह स्टेडियम सौंपा गया है। यह काम जनवरी 2025 में ही शुरू करना था। इस तरह यह प्रोजेक्ट एक साल लेट हो चुका है। नई डेडलाइन 2029 तय की गई है। 40 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां क्रिकेट के अलावा बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट भी होगा। एक डेडिकेटेड क्रिकेट एकेडमी भी होगी। प्रवेश और निकास के लिए चार मेन गेट होंगे। बड़े टूर्नामेंट होंगे : यह परियोजना बिहार में क्रिकेट के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह क्रिकेट कॉम्प्लेक्स भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन में सहायक होगा। खिलाड़ियों के आवास, अभ्यास पिच और प्रशिक्षण सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि राज्य की प्रतिभाओं को बेहतर माहौल मिल सके। -हर्षवर्धन, अध्यक्ष, बीसीए


