पारस सोम मामले में कल नोटिस पर जवाब होंगे दाखिल:याचिका दायर होने के बाद कोर्ट ने वादी समेत कई को नोटिस किए थे जारी

पारस सोम मामले में कल नोटिस पर जवाब होंगे दाखिल:याचिका दायर होने के बाद कोर्ट ने वादी समेत कई को नोटिस किए थे जारी

मेरठ में कपसाड़ कांड के मुख्य आरोपी पारस सोम को जुबेनाइल घोषित कराने को लेकर एक याचिका दायर की गई है। कल इस याचिका पर पुन: सुनवाई होगी। दरअसल, कोर्ट ने याचिका दाखिल होने के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ ही इस मुकदमे के वादी को भी नोटिस जारी किए थे। शनिवार को नोटिस पाने वाले अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं। पहले जानते हैं पूरा मामला
मेरठ में 8 जनवरी को सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का पारस सोम इसी गांव की अनुसूचित जाति की रूबी को अगवा करके ले गया। जाते समय उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ता चला गया। 10 जनवरी को गिरफ्तार हुआ पारस
सुनीता की मौत से गांव में तनाव बढ़ गया। एसएसपी/डीआईजी डा. विपिन ताडा ने पुलिस की 10 टीमें आरोपी की गिरफ्तारी व रूबी की बरामदगी के लिए लगा दीं। 10 जनवरी की रात पुलिस को दोनों की लोकेशन सहारनपुर में मिली। इसके बाद पुलिस ने पारस सोम को गिरफ्तार करते हुए रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। 11 जनवरी को कोर्ट ने पारस को भेजा जेल
अगले दिन 11 जनवरी को कड़ी सुरक्षा में रूबी के कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। यहां से रूबी को काउंसलिंग के लिए आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। जबकि कोर्ट ने आरोपी पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तभी से पारस जेल में बंद है। रूबी को काउंसलिंग के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया। बचाव में सामने आया तीन वकीलों का पैनल
कई दिन तक मामला सुर्खियों में रहा। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा ने पारस को नाबालिग करार देते हुए उसके केस को जुबेनाइल बोर्ड में ट्रांसफर कराने का ऐलान कर दिया। कुछ साक्ष्य भी एकत्र किए, जिसके अनुसार पारस की उम्र लगभग साढ़े 17 वर्ष बैठ रही थी। दायर याचिका पर शनिवार को सुनवाई
तीनों अधिवक्ताओं ने पारस की तरफ से याचिका दायर करने का ऐलान किया। एससी-एसटी कोर्ट में याचिका डाली गई जो स्वीकार कर ली गई। 22 तारीख को नोटिस जारी किए गए। अब शनिवार की तिथि इस पर सुनवाई के लिए निर्धारित है। अधिवक्ताओं की मानें तो प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है। नोटिस पर शुरु होगी कार्रवाई
पारस के अधिवक्ता संजीव राणा ने बताया कि उन्होंने पारस की उम्र से जुड़े कुछ साक्ष्य याचिका के साथ जमा कराए थे। वह साक्ष्य पारस के स्कूल से जुड़े हैं। कोर्ट ने स्कूल संचालक अथवा प्रधानाचार्य और इस केस के वादी को नोटिस जारी किया था। शनिवार को इन नोटिस का जवाब ही दाखिल किया जाएगा।

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