मोतिहारी के पकड़ीदयाल थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। एसपी ने कुल 36 मामलों की सुनवाई की और संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनता दरबार में पुलिस अनुसंधान की प्रगति और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कुछ अनुसंधानकर्ताओं द्वारा लापरवाही और पक्षपात का मामला सामने आया। इस पर संज्ञान लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने दो अनुसंधानकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निष्पक्षता नहीं बरतने पर कार्रवाई की पहला मामला पताही थाना से संबंधित है। इसमें नारायणपुर निवासी राजदेव राय ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि अनुसंधानकर्ता दीप नारायण प्रसाद ने मामले में निष्पक्षता नहीं बरती और दूसरे पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए एसपी ने दीप नारायण प्रसाद को निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, प्राथमिकी दर्ज न करने के आरोप में पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अशोक साह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रक्रिया दूसरा मामला पकड़ीदयाल थाना का है। आवेदक संजय प्रसाद साह ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पांच माह बीत जाने के बाद भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस गंभीर लापरवाही के लिए संबंधित अनुसंधानकर्ता विकास कुमार को भी निलंबित किया गया है। एसपी बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया कि अनुसंधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। शिकायतों और समस्याओं को लेकर जनता दरबार में आएं एसपी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर अधिक से अधिक संख्या में जनता दरबार में उपस्थित हों, ताकि समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
इस अवसर पर डीएसपी कुमार चंदन, पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अशोक साह, अन्य वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे मोतिहारी के पकड़ीदयाल थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। एसपी ने कुल 36 मामलों की सुनवाई की और संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनता दरबार में पुलिस अनुसंधान की प्रगति और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कुछ अनुसंधानकर्ताओं द्वारा लापरवाही और पक्षपात का मामला सामने आया। इस पर संज्ञान लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने दो अनुसंधानकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निष्पक्षता नहीं बरतने पर कार्रवाई की पहला मामला पताही थाना से संबंधित है। इसमें नारायणपुर निवासी राजदेव राय ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि अनुसंधानकर्ता दीप नारायण प्रसाद ने मामले में निष्पक्षता नहीं बरती और दूसरे पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए एसपी ने दीप नारायण प्रसाद को निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, प्राथमिकी दर्ज न करने के आरोप में पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अशोक साह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रक्रिया दूसरा मामला पकड़ीदयाल थाना का है। आवेदक संजय प्रसाद साह ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पांच माह बीत जाने के बाद भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस गंभीर लापरवाही के लिए संबंधित अनुसंधानकर्ता विकास कुमार को भी निलंबित किया गया है। एसपी बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया कि अनुसंधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। शिकायतों और समस्याओं को लेकर जनता दरबार में आएं एसपी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर अधिक से अधिक संख्या में जनता दरबार में उपस्थित हों, ताकि समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
इस अवसर पर डीएसपी कुमार चंदन, पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अशोक साह, अन्य वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे


