ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने असम की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में नेताओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की हर बात का समाज पर सीधा असर पड़ता है। मौलाना रजवी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के बयानों का जिक्र किया। उनका कहना था कि सत्ता संभालने के बाद से मुख्यमंत्री के कई बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते दिख रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक राज्य में मुख्यमंत्री केवल एक वर्ग या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे राज्य की जनता के प्रतिनिधि होते हैं। उन्होंने आगाह किया कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर की जाने वाली टिप्पणियां आपसी भाईचारे को कमजोर कर सकती हैं, जिसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ता है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मौलाना रजवी ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे राजनीति केवल विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों तक सीमित रखें। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाले बयानों से बचने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य का नेतृत्व संविधान की भावना का पालन करते हुए सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करेगा और असम में शांति व सद्भाव बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा।


