चंद्रेश शर्मा
भवानीमंडी. सोने के बढ़े दाम ने आभूषण पहनने के तौर-तरीके ही बदल दिए। सुरक्षा के मापदंड भी बदल गए हैं। पहले केवल सुनारों को ही सुरक्षा व्यवस्था रखनी पड़ती थी, लेकिन अब सोने के जेवर पहनने वालों को भी अपनी सुरक्षा करनी पड़ रही है। शादी समारोहों में तो यह समस्या और भी चुनौती बन गई है। ऐसे में अब शादी समारोहों में जेवरात की सुरक्षा और पहरेदारी के लिए आयोजनकर्ता बाउंसर तैनात करने लगे हैं।
सुकेत निवासी अशोक सोनी ने बताया कि उनके पुत्र रजत की शादी सीहोर निवासी युवती से हुई। दोनों परिवारों ने मिलकर झालावाड़ में विवाह समारोह का आयोजन किया। शादी में महिलाओं ने भारी मात्रा में सोने के गहने पहन रखे थे, जिसे लेकर परिवारजनों में अनहोनी की आशंका बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और उनके जेवरात की सुरक्षा के लिए बाउंसर नियुक्त किए गए। यहां शादी में महिलाएं जेवर पहने नजर आईं, तो उनकी सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात दिखे।
आमजन ने भी गहने पहनना कम किया
सोने-चांदी की रेकॉर्ड कीमतों के बाद अब महिलाएं सार्वजनिक रूप से गहने पहनने से बच रही हैं। विनय शर्मा और प्रफुल्ल शर्मा ने बताया कि सोने-चांदी की कीमतों में उछाल के बाद गहने पहनने में डर लगने लगा है कि कहीं किसी प्रकार की घटना न हो जाए। इससे पहले नगर में चेन तोड़ने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं।
जगदीश सेठिया ने बताया कि सोना-चांदी के महंगे होने के बाद उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से रोजमर्रा के गहने, जैसे चेन और अंगूठियां, उतरवा कर सुरक्षित रखवा दी हैं। दिनेश सोनी ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के गले से भी सोने की चेन उतरवा दी है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
बाउंसरों की बढ़ी मांग
कोटा की एक निजी कंपनी के कमांडर रामप्रसाद मीणा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से शादी समारोहों में बाउंसरों की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले शादी समारोहों में घरों, धर्मशालाओं और रिसोर्ट के बाहर गार्ड तैनात किए जाते थे। अब सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों ने आयोजनकर्ताओं को गहनों की सुरक्षा के लिए बाउंसर रखने पर भी मजबूर कर दिया है।


