किशनगंज में शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की 11 सदस्यीय विशेष टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गलगलिया चेक पोस्ट पर गहन जांच अभियान चलाया। पटना से पहुंची इस टीम ने दस्तावेजों और रजिस्टरों की बारीकी से पड़ताल की। टीम ने गलगलिया स्थित कस्टम कार्यालय की जांच की टीम में डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित वरिष्ठ पुलिस और जांच अधिकारी शामिल थे। बताया गया कि टीम पहले किशनगंज पहुंची और फिर ठाकुरगंज प्रखंड के अंतर्गत गलगलिया के लिए रवाना हुई। टीम ने गलगलिया स्थित कस्टम कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की। यह कार्रवाई पटना से प्राप्त विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई। जानकारी के अनुसार, टीम को सीमा पर सक्रिय तस्करी और माफिया गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। टीम में शामिल अधिकारियों ने भी मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया और चुप्पी साधे रखी। जांच के विवरण को गोपनीय रखा गया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पर सक्रिय माफिया सिंडिकेट को निशाना बनाने के लिए की गई है। किशनगंज जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यहां तस्करी और अवैध गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। साइबर फ्रॉड और ड्रग तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई गलगलिया क्षेत्र में पहले भी पुलिस, एसएसबी और अन्य एजेंसियों द्वारा कई बार छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें ड्रग्स और नकली मुद्रा जैसी सामग्री बरामद हुई हैं। हाल ही में साइबर फ्रॉड और ड्रग तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई हुई है। टीम के अगले कदम पर सभी की नजर है, जिससे बड़े खुलासे होने की संभावना है। किशनगंज में शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की 11 सदस्यीय विशेष टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गलगलिया चेक पोस्ट पर गहन जांच अभियान चलाया। पटना से पहुंची इस टीम ने दस्तावेजों और रजिस्टरों की बारीकी से पड़ताल की। टीम ने गलगलिया स्थित कस्टम कार्यालय की जांच की टीम में डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित वरिष्ठ पुलिस और जांच अधिकारी शामिल थे। बताया गया कि टीम पहले किशनगंज पहुंची और फिर ठाकुरगंज प्रखंड के अंतर्गत गलगलिया के लिए रवाना हुई। टीम ने गलगलिया स्थित कस्टम कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की। यह कार्रवाई पटना से प्राप्त विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई। जानकारी के अनुसार, टीम को सीमा पर सक्रिय तस्करी और माफिया गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। टीम में शामिल अधिकारियों ने भी मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया और चुप्पी साधे रखी। जांच के विवरण को गोपनीय रखा गया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पर सक्रिय माफिया सिंडिकेट को निशाना बनाने के लिए की गई है। किशनगंज जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यहां तस्करी और अवैध गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। साइबर फ्रॉड और ड्रग तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई गलगलिया क्षेत्र में पहले भी पुलिस, एसएसबी और अन्य एजेंसियों द्वारा कई बार छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें ड्रग्स और नकली मुद्रा जैसी सामग्री बरामद हुई हैं। हाल ही में साइबर फ्रॉड और ड्रग तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई हुई है। टीम के अगले कदम पर सभी की नजर है, जिससे बड़े खुलासे होने की संभावना है।


