देश की पहली LNG ट्रेन चलने को तैयार:एक बार टैंक फुल करने पर 2200 किलोमीटर तक चलेगी, डीजल की तुलना में तीन गुना खर्च कम

देश की पहली LNG ट्रेन चलने को तैयार:एक बार टैंक फुल करने पर 2200 किलोमीटर तक चलेगी, डीजल की तुलना में तीन गुना खर्च कम

भारत की रेल सुविधाओं में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। क्योंकि देश की पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) से चलने वाली ट्रेन अहमदाबाद पहुंच गई है। इस हाईटेक ट्रेन की खास बात यह है कि यह एक बार पूरी तरह से भरे टैंक में 2200 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय कर सकती है। मेहसाणा और साबरमती में चल रहा ट्रायल
गुजरात के मेहसाणा और साबरमती खंड के बीच ट्रेन का ट्रायल चल रहा है। ये ट्रेन अब तक 2000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुकी है। आने वाले समय में इस खंड की 8 से 10 और ट्रेनों में एलएनजी तकनीक को अपनाने की योजना है। सफल ट्रायल के बाद इस तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत, लगभग 1400 हॉर्सपावर क्षमता वाली ट्रेनों को एलएनजी ईंधन प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। प्रदूषण में आएगी भारी कमी
अहमदाबाद के डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि एलएनजी डीजल से सस्ता होने के कारण ट्रेन चलाने की कुल लागत कम हो जाती है। एलएनजी ईंधन से प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल के कण जैसे हानिकारक तत्व कम मात्रा में उत्पन्न होते हैं। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास की हवा भी शुद्ध रहती है। इसके साथ ही, ईंधन की लागत में भी काफी बचत होती है। वेद प्रकाश ने आगे बताया कि एलएनजी ईंधन प्रणाली के साथ इंजन की शक्ति या प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आती। इंजन की विश्वसनीयता भी डीजल इंजन के समान ही बनी रहती है। एक एलएनजी टैंक से डीपीसी ट्रेन लगभग 2200 किलोमीटर तक चल सकती है, इसलिए बार-बार ईंधन भरने की आवश्यकता नहीं होती।

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