रीवा में प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में शुक्रवार को शहर में अनोखा विरोध देखने को मिला। स्वर्ण समाज के आवाहन पर युवा आर्मी भी आंदोलन में शामिल हुई। प्रदर्शनकारियों ने इसे समाज को विभाजित करने वाला कानून बताते हुए राष्ट्रपति के नाम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को युवा आर्मी और स्वर्ण समाज के कार्यकर्ताओं ने पहले शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों से रैली निकाली। रैली के दौरान यूजीसी कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां लगभग एक घंटे तक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और शांतिपूर्ण रहा।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि यूजीसी से जुड़ा यह कानून वापस लिया जाए। साथ ही 1 फरवरी 2026 को रीवा बंद का आह्वान भी किया गया, जिसमें युवा आर्मी ने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।
युवा आर्मी जिला अध्यक्ष मयंक तिवारी ने बताया कि यह कानून समाज में एकता को तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवा आर्मी आगे भी हर स्तर पर विरोध करती रहेगी।
इस प्रदर्शन में युवा आर्मी जिला संयोजक आदित्य मिश्रा, बड़ी गोरकी अध्यक्ष नीलू चौरसिया, जिला सहसंयोजक अनिमेष खरे, नगर अध्यक्ष अंबुज केसरवानी, नगर सहसंयोजक दीपांशु साहू, सौरभ कुशवाहा, बड़ी गोरकी संयोजक दीपक चौरसिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से कमिश्नर कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात रहा।


