पूर्णिया यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को सीनेट की छठी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने की। यह बैठक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित सीनेट हॉल में सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक चली। बैठक में बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता भी शामिल हुए। वे यूनिवर्सिटी की वित्तीय समिति के सदस्य हैं। सीनेट की बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि यूनिवर्सिटी का बजट 1.3 अरब रुपये से अधिक है। वहीं 12वीं वित्त समिति की बैठक में अनुमोदित कुल 3 अरब 38 करोड़ 50 लाख 90 हजार 953 रुपए के वार्षिक बजट पर भी सीनेट सदस्यों की सहमति ली गई। 143 गेस्ट फैकल्टी की बहाली प्रक्रिया का मुद्दा भी उठा बैठक में हाल ही में हुई 143 अतिथि शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया, उसकी पारदर्शिता और नियमों को लेकर सवाल उठे। साथ ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के प्रस्तावों के अनुमोदन पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा नियुक्त प्राध्यापकों की सेवा को अनुमोदन देने का प्रस्ताव भी सीनेट में रखा गया। सीनेट की बैठक में शिक्षकेतर कर्मचारियों के आश्रितों की लंबित अनुकंपा नियुक्ति, नई पेंशन योजना बनाम पुरानी पेंशन योजना, एक सेमेस्टर की देरी से चल रहे शैक्षणिक सत्र और छात्रों पर इसके असर जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही नए महाविद्यालयों को संबद्धता देने के मानकों की समीक्षा की गई। नए संबद्धता प्राप्त डिग्री कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सीनेट की मुहर सिंडिकेट द्वारा पारित नए संबद्धता प्राप्त डिग्री कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सीनेट की मुहर लगाई गई। तीन नए गैर अंगीभूत कॉलेजों को स्थायी एफिलिएशन देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।।पूर्णिया कॉलेज में यूजी स्तर पर बीएड के साथ-साथ 7 नए विषयों में पठन-पाठन शुरू करने के निर्णय को पहले एकेडमिक काउंसिल की मंजूरी मिल चुकी है, अब सीनेट की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाई गई। बैठक में पीएचडी में नामांकन से लेकर उपाधि प्रदान करने तक की पूरी कार्यप्रणाली से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। इसके अलावा 233 सहायक प्राध्यापकों और 61 एलडीसी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव को उच्च शिक्षा विभाग को भेजने पर भी विचार किया गया। सीनेट की बैठक में परीक्षा विभाग में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UMIS) का काम अब तक शुरू नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि संबद्ध महाविद्यालयों में दानदाताओं के लिए निर्धारित राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया जाए, जिसे वित्त समिति ने पहले ही अनुमोदित कर दिया है। इस प्रस्ताव पर भी सीनेट सदस्यों ने सहमति दी। सीनेट में कुल 55 सदस्य हैं, जिनमें सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, डीन, विभागाध्यक्ष और राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य शामिल हैं। सभी सदस्यों को बैठक का आमंत्रण भेजा गया था। बैठक में सिंडिकेट की 22वीं और 23वीं बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों को भी सीनेट के समक्ष रखा गया और उन्हें मंजूरी दी गई। सीनेट की बैठक के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से 14 समितियों का गठन किया गया था। इनमें निमंत्रण, पंजीकरण, स्वागत, भोजन, क्रय समिति, भवन व मंच सजावट, आवास एवं परिवहन, वित्तीय मामलों की देखरेख, कार्यवाही लेखन, मंच प्रबंधन, बैनर, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वार्षिक रिपोर्ट तैयारी, मुद्रण, प्रश्नावली समिति और समग्र निगरानी समिति शामिल थीं। सभी समितियां कुलपति की निगरानी में अपने-अपने कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटी रहीं। विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सीनेट की बैठक में वार्षिक बजट, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और सिंडिकेट में स्वीकृत सभी प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। बैठक में अधिकांश सीनेट सदस्य उपस्थित रहे। पूर्णिया यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को सीनेट की छठी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने की। यह बैठक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित सीनेट हॉल में सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक चली। बैठक में बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता भी शामिल हुए। वे यूनिवर्सिटी की वित्तीय समिति के सदस्य हैं। सीनेट की बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि यूनिवर्सिटी का बजट 1.3 अरब रुपये से अधिक है। वहीं 12वीं वित्त समिति की बैठक में अनुमोदित कुल 3 अरब 38 करोड़ 50 लाख 90 हजार 953 रुपए के वार्षिक बजट पर भी सीनेट सदस्यों की सहमति ली गई। 143 गेस्ट फैकल्टी की बहाली प्रक्रिया का मुद्दा भी उठा बैठक में हाल ही में हुई 143 अतिथि शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया, उसकी पारदर्शिता और नियमों को लेकर सवाल उठे। साथ ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के प्रस्तावों के अनुमोदन पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा नियुक्त प्राध्यापकों की सेवा को अनुमोदन देने का प्रस्ताव भी सीनेट में रखा गया। सीनेट की बैठक में शिक्षकेतर कर्मचारियों के आश्रितों की लंबित अनुकंपा नियुक्ति, नई पेंशन योजना बनाम पुरानी पेंशन योजना, एक सेमेस्टर की देरी से चल रहे शैक्षणिक सत्र और छात्रों पर इसके असर जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही नए महाविद्यालयों को संबद्धता देने के मानकों की समीक्षा की गई। नए संबद्धता प्राप्त डिग्री कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सीनेट की मुहर सिंडिकेट द्वारा पारित नए संबद्धता प्राप्त डिग्री कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सीनेट की मुहर लगाई गई। तीन नए गैर अंगीभूत कॉलेजों को स्थायी एफिलिएशन देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।।पूर्णिया कॉलेज में यूजी स्तर पर बीएड के साथ-साथ 7 नए विषयों में पठन-पाठन शुरू करने के निर्णय को पहले एकेडमिक काउंसिल की मंजूरी मिल चुकी है, अब सीनेट की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाई गई। बैठक में पीएचडी में नामांकन से लेकर उपाधि प्रदान करने तक की पूरी कार्यप्रणाली से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। इसके अलावा 233 सहायक प्राध्यापकों और 61 एलडीसी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव को उच्च शिक्षा विभाग को भेजने पर भी विचार किया गया। सीनेट की बैठक में परीक्षा विभाग में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UMIS) का काम अब तक शुरू नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि संबद्ध महाविद्यालयों में दानदाताओं के लिए निर्धारित राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया जाए, जिसे वित्त समिति ने पहले ही अनुमोदित कर दिया है। इस प्रस्ताव पर भी सीनेट सदस्यों ने सहमति दी। सीनेट में कुल 55 सदस्य हैं, जिनमें सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, डीन, विभागाध्यक्ष और राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य शामिल हैं। सभी सदस्यों को बैठक का आमंत्रण भेजा गया था। बैठक में सिंडिकेट की 22वीं और 23वीं बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों को भी सीनेट के समक्ष रखा गया और उन्हें मंजूरी दी गई। सीनेट की बैठक के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से 14 समितियों का गठन किया गया था। इनमें निमंत्रण, पंजीकरण, स्वागत, भोजन, क्रय समिति, भवन व मंच सजावट, आवास एवं परिवहन, वित्तीय मामलों की देखरेख, कार्यवाही लेखन, मंच प्रबंधन, बैनर, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वार्षिक रिपोर्ट तैयारी, मुद्रण, प्रश्नावली समिति और समग्र निगरानी समिति शामिल थीं। सभी समितियां कुलपति की निगरानी में अपने-अपने कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटी रहीं। विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सीनेट की बैठक में वार्षिक बजट, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और सिंडिकेट में स्वीकृत सभी प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। बैठक में अधिकांश सीनेट सदस्य उपस्थित रहे।


