What Is UGC: यूजीसी का मुद्दा पिछले कई दिनों से देश में चाय हुआ है। इसकी वजह है यूजीसी के नए नियम, जिन्हें UGC Act 2026 के नाम से जाना जा रहा है। इन नियमों पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने अगले आदेश तक नए नियमों पर रोक लगा दी है और साफ कहा है कि तब तक 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस UGC नियम को लेकर इतना बवाल मचा हुआ है, वो संस्था क्या काम करती है, या इसका इतिहास क्या है? आइये जानते हैं।
What Is UGC: आखिर यूजीसी है क्या?
यूजीसी का पूरा नाम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) है। यह संस्था भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर कैसा होगा, परीक्षाएं कैसे होंगी, रिसर्च के क्या मानक होंगे, क्या गाइडलाइन यूनिवर्सिटी-कॉलेज में फॉलो होंगी। इन सब पर नजर रखने का काम यूजीसी करता है। इसके साथ-साथ योग्य संस्थानों को आर्थिक मदद यानी ग्रांट देना भी इसी की जिम्मेदारी है।
UGC बनने की कहानी
आजादी से पहले ही यह महसूस होने लगा था कि देश में उच्च शिक्षा को एक केंद्रीय संस्था के जरिए बेहतर तरीके से संभालने की जरूरत है। 1944 की सार्जेंट रिपोर्ट में पहली बार इस तरह की संस्था बनाने की बात सामने आई। इसके बाद 1945 में अलीगढ़, बनारस और दिल्ली विश्वविद्यालयों के लिए एक शुरुआती समिति बनाई गई। धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ा और 28 दिसंबर 1953 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने यूजीसी का औपचारिक उद्घाटन किया। फिर नवंबर 1956 में यूजीसी अधिनियम लागू हुआ और यह आयोग एक स्थायी वैधानिक संस्था बन गया। आज इसके कार्यालय दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर काम कर रहे हैं।
क्या हैं UGC की जिम्मेदारियां?
यूजीसी को उच्च शिक्षा की रीढ़ कहा जाता है, और यह बात यूं ही नहीं कही जाती। यह संस्था तय करती है कि कौन-सी डिग्री मान्य होगी, किस कॉलेज या विश्वविद्यालय को मान्यता मिलेगी और शिक्षा की गुणवत्ता कैसे सुधारी जाए। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों को शिक्षा से जुड़े सुझाव देना, नए नियम और दिशा-निर्देश बनाना और विश्वविद्यालयों को वित्तीय सहायता देना भी इसके काम का हिस्सा है। रैगिंग से संबंधित नियम और गाइडलाइन भी यूजीसी तैयार करती है।


