मां बनने से पहले मां ने झेला सबसे बड़ा दर्द! 5 महीने में मिसकैरेज पर एक्ट्रेस ने सालों बाद तोड़ी चुप्पी

मां बनने से पहले मां ने झेला सबसे बड़ा दर्द! 5 महीने में मिसकैरेज पर एक्ट्रेस ने सालों बाद तोड़ी चुप्पी

Rani Mukerji on Miscarriage: बॉलीवुड की ‘मर्दानी’ यानी रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने बेबाक और निडर अंदाज में कमबैक कर चुकी हैं। उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मर्दानी 3’ थिएटर में रिलीज हो गई है, जिसमें वो पुलिस अफसर शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में अपराधियों के छक्के छुड़ाती नजर आई हैं, लेकिन पर्दे पर सबको हिम्मत देने वाली रानी की प्राइवेट लाइफ में एक ऐसा दौर भी आया था, जब वो खुद को बेहद अकेला और कमजोर महसूस कर रही थीं। बता दें, एक इंटरव्यू के दौरान रानी मुखर्जी ने अपनी जिंदगी के उस सबसे मुश्किल फेज के बारे में बात की, जब उन्होंने अपने दूसरे बच्चे को खो दिया था।

मिसकैरेज पर एक्ट्रेस ने सालों बाद तोड़ी चुप्पी

रानी मुखर्जी और फेमस निर्माता आदित्य चोपड़ा की एक बेटी ‘आदिरा’ है, जिसका जन्म 2015 में हुआ था। रानी ने खुलासा किया कि साल 2020 में वह दूसरी बार प्रेग्नेंट थीं, लेकिन प्रेग्नेंसी के 5वें महीने में ही उनका मिसकैरेज हो गया और एक मां के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है, तो रानी भी इस दुख से पूरी तरह टूट चुकी थीं।

रानी ने ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में बताया कि जब वो इस व्यक्तिगत क्षति (Personal Loss) से गुजर रही थीं, तभी उनके पास फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ की कहानी आई। 2023 में आई इस फिल्म में रानी ने एक ऐसी मां का किरदार निभाया था, जिसके बच्चों को सरकार जबरन उससे दूर ले जाती है। इतना ही नहीं, रानी ने कहा, “वो कहानी मेरे पास तब आई थी जब मैंने अपना दूसरा बच्चा खोया था। मैं उस समय एक गहरे दुख में थी और उस कहानी से तुरंत जुड़ गई। मुझे लगा कि मुझे ये कहानी दुनिया को बतानी ही होगी। एक मां के लिए अपने बच्चे से अलग होने का दर्द क्या होता है, वो मैंने खुद महसूस किया था।”

रानी ने समाज के एक बड़ी गलतफहमी के बारे में बताया

साथ ही, रानी ने समाज में प्रचलित एक बड़ी गलतफहमी के बारे में बताया, “भारत में लोगों के बीच बाहर जाकर बसने का एक अलग ही जुनून है। लोग सोचते हैं कि वहां सब कुछ आसान होगा, लेकिन हकीकत बहुत अलग है। जब आपकी आंखों के सामने से कोई आपके बच्चों को ले जाए, तो एक मां और उन बच्चों पर क्या गुजरती है, ये दिखाना बहुत जरूरी था।”

रानी मुखर्जी के अनुसार, एक्टिंग और प्रभावशाली कहानियों ने उन्हें अपने दुख से बाहर निकलने में मदद की। दरअसल, 2023 में ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ के लिए रानी को नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जो उनकी मेहनत और उस जज्बात का सम्मान था जो उन्होंने पर्दे पर जिया था। रानी ‘मर्दानी 3’ के द्वारा एक बार फिर दर्शकों के बीच हैं। उनकी ये फिल्म न केवल एक एक्शन थ्रिलर है, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।

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