अररिया के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के महत्व को उजागर करते हुए राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की विस्तृत जानकारी साझा की गई। यह जानकारी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर आयोजित एक लाइव सत्र के दौरान प्रभारी प्राचार्य अभिजीत कुमार ने दी। इस सत्र में संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों, उपलब्ध सुविधाओं और नामांकन प्रक्रिया के बारे में जिलेवासियों को जागरूक किया गया। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की स्थापना बिहार सरकार द्वारा 30 अप्रैल 2018 को की गई थी। यह संस्थान विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत रामपुर कोदरकट्टी, अररिया में स्थित है। लगभग 4 एकड़ में फैले इस परिसर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का प्रसार करना और युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है। संस्थान में 360 छात्र-छात्राओं की क्षमता वर्तमान में, संस्थान में कुल 360 छात्र-छात्राओं की क्षमता है। यहां तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाते हैं, जिनमें सिविल इंजीनियरिंग (90 सीटें), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (90 सीटें), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (60 सीटें) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग (60 सीटें) शामिल हैं। प्रत्येक कोर्स की क्षमता अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा अनुमोदित है। संस्थान में नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। इच्छुक अभ्यर्थी 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। संस्थान में बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध प्रभारी प्राचार्य अभिजीत कुमार ने लाइव सत्र में बताया कि संस्थान में आधुनिक प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं और हॉस्टल जैसी बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास में सहायता करती हैं, जिससे उन्हें अच्छी नौकरियों और उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त होते हैं। यह लाइव सत्र जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा। अभिजीत कुमार ने स्थानीय युवाओं से तकनीकी शिक्षा अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया न केवल अररिया जिले बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के लिए तकनीकी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। अररिया के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के महत्व को उजागर करते हुए राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की विस्तृत जानकारी साझा की गई। यह जानकारी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर आयोजित एक लाइव सत्र के दौरान प्रभारी प्राचार्य अभिजीत कुमार ने दी। इस सत्र में संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों, उपलब्ध सुविधाओं और नामांकन प्रक्रिया के बारे में जिलेवासियों को जागरूक किया गया। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया की स्थापना बिहार सरकार द्वारा 30 अप्रैल 2018 को की गई थी। यह संस्थान विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत रामपुर कोदरकट्टी, अररिया में स्थित है। लगभग 4 एकड़ में फैले इस परिसर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का प्रसार करना और युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है। संस्थान में 360 छात्र-छात्राओं की क्षमता वर्तमान में, संस्थान में कुल 360 छात्र-छात्राओं की क्षमता है। यहां तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाते हैं, जिनमें सिविल इंजीनियरिंग (90 सीटें), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (90 सीटें), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (60 सीटें) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग (60 सीटें) शामिल हैं। प्रत्येक कोर्स की क्षमता अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा अनुमोदित है। संस्थान में नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। इच्छुक अभ्यर्थी 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। संस्थान में बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध प्रभारी प्राचार्य अभिजीत कुमार ने लाइव सत्र में बताया कि संस्थान में आधुनिक प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं और हॉस्टल जैसी बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास में सहायता करती हैं, जिससे उन्हें अच्छी नौकरियों और उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त होते हैं। यह लाइव सत्र जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा। अभिजीत कुमार ने स्थानीय युवाओं से तकनीकी शिक्षा अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया न केवल अररिया जिले बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के लिए तकनीकी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।


