अजित पवार प्लेन क्रैश- कैप्टन सुमित की ड्यूटी नहीं थी:दोस्त बोले- पायलट ट्रैफिक में फंसा था, इसलिए वे बारामती गए; ब्रेसलेट से शव पहचाना

अजित पवार प्लेन क्रैश- कैप्टन सुमित की ड्यूटी नहीं थी:दोस्त बोले- पायलट ट्रैफिक में फंसा था, इसलिए वे बारामती गए; ब्रेसलेट से शव पहचाना

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार की 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में मौत हो गई। उनके अलावा कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शंभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और अजित पवार के सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव की भी जान चली गई। कैप्टन सुमित ही प्लेन की कमान संभाल रहे हैं। NDTV के मुताबिक, कैप्टन सुमित का गुरुवार को दिल्ली में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके दोस्तों ने बताया कि हादसे वाले दिन प्लेन उड़ाने की ड्यूटी सुमित की नहीं थी। दोस्तों के मुताबिक, प्लेन का पायलट ट्रैफिक में फंसा था। हादसे से सिर्फ कुछ घंटे पहले सुमित को ऑर्डर मिला कि उन्हें मुंबई से बारामती तक अजित पवार को चुनावी रैली के लिए ले जाना है। सुबह करीब 8 बजे, कपूर ने लेयरजेट 45 विमान से उड़ान भरी। यह विमान दिल्ली की कंपनी VSR वेंचर्स का था। करीब 8:45 बजे, बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हादसा हो गया। सभी के शव बुरी तरह जल चुके थे। सुमित के दोस्त सचिन तनेजा ने बताया कि कपूर के शव की पहचान उनके हाथ में पहने ब्रैसलेट से हुई। कुछ दिन पहले ही हॉन्गकॉन्ग से लौटे थे कपूर सुमित के एक और दोस्त जीएस ग्रोवर ने बताया कि कपूर कुछ दिन पहले ही हॉन्गकॉन्ग से लौटे थे। वहां से लौटने के बाद कपूर ने उनसे काफी देर तक बात की थी और उन्हें अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की सलाह दी थी। सुमित के दोस्तों ने इस बात को सिरे से नकार दिया कि पायलट की चूक के कारण हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सुमित काफी पायलट थे। उनके पास 20 हजार घंटे उड़ान का एस्पीरिएंस था। ऐसे में उनसे गलती होने की संभावना लगभग ना के बराबर थी।

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