हरदुली आदिवासी छात्रावास के छात्रों को घटिया खाद्य सामग्री से बना भोजन परोसने वाले अधीक्षक गजेंद्र झारिया की अग्रिम जमानत की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अगर आरोपी को अग्रिम जमानत दी जाती है, तो वह साक्ष्य से छेड़खानी कर हेराफेरी कर सकता है। 21 अगस्त 2025 को छात्रावास में दूषित भोजन परोसा गया था, जिसे खाने से 13 छात्र बीमार पड़े थे, जिनमें से एक बैगा जाति के छात्र की मौत हो गई। प्रशासनिक जांच रिपोर्ट, पोस्ट मार्टम और बिसरा की जांच में पुष्टि हुई है कि छात्र दूषित भोजन खाकर ही बीमार पड़े थे। जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रावास अधीक्षक ही घटिया किस्म की खाद्य सामग्री गांव से मंगवाते थे और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर उसी से खाना बनवाकर छात्रों को परोसा जाता था। जांच रिपोर्ट आने के बाद कुंडम पुलिस ने छात्रावास अधीक्षक गजेंद्र झारिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। तभी से झारिया फरार है। 13 छात्रों ने भोजन किया, 1 की मौत कुंडम के गांव बिलटुकरी निवासी छोटेलाल धुर्वे का 14 साल का बेटा राजाराम धुर्वे हरदुली आदिवासी छात्रावास में रहकर 9वीं कक्षा में पढ़ाई करता था। 20 अगस्त को राजाराम सहित छात्रावास के 13 छात्रों ने भोजन किया, जिसके बाद अचानक सभी की तबीयत बिगड़ गई। किसी को उल्टियां होने लगीं तो कोई बेहोश हो गया। सूचना मिलने पर छोटेलाल सहित अन्य छात्रों के परिजन उन्हें घर ले गए। बीमार छात्रों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। राजाराम की हालत गंभीर होने पर 21 अगस्त को उसे जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। 22 अगस्त को कुंडम पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सूखी खाद्य सामग्री की जांच कराई थी घटना के बाद खाद्य विभाग की टीम छात्रावास पहुंची, जहां से सूखा गेहूं, आटा, चावल और अरहर दाल के नमूने लिए गए। जांच में ये सभी नमूने खराब क्वालिटी के पाए गए, जिसकी रिपोर्ट खाद्य विभाग ने पुलिस को सौंपी। पुलिस ने मृत छात्र राजाराम का बिसरा प्रिजर्व कर रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब, जबलपुर जांच के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर की क्वेरी पर आरएफएसएल ने स्पष्ट किया कि बच्चे की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि विषाक्त भोजन खाने के कारण हुई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गजेंद्र झारिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। बता दें कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र हरदुली स्कूल में पढ़ते हैं। यहां कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 25 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो हॉस्टल में रहकर अध्ययन करते हैं। ये खबर भी पढ़िए… जबलपुर में खराब खाने से हुई बैगा छात्र की मौत जबलपुर में 21 अगस्त को कुंडम तहसील के हरदुली आदिवासी छात्रावास में जिस बैगा छात्र की मौत हुई थी, उसकी वजह वहां पर परोसा जा रहा दूषित भोजन था। इसी भोजन को खाने के बाद छात्र बीमार पड़े थे। इसका खुलासा प्रशासनिक जांच रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम और बिसरा जांच से हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…


