शिक्षा विभाग मध्याह्न भोजन और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सतर्क है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि बच्चों को खिलाने से पहले प्रधान शिक्षक या संबंधित शिक्षक खुद भोजन चखेंगे। जहां भोजन बनता है, वहां साफ-सफाई अनिवार्य होगी। रसोई की दीवार और फर्श की नियमित सफाई करनी होगी। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्कूल में छात्रों की संख्या, भोजन करने वाले बच्चों की संख्या और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति फोटो के साथ दर्ज करना होगा। इसके अलावा, जिला शिक्षा कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बिना अवकाश स्वीकृत हुए शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रहेंगे। रैंडम जांच में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। एक समय में 10 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षकों को अवकाश नहीं दिया जाएगा। अवकाश से पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। वहीं, सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब शिक्षक किसी भी विषय को पढ़ाने से पहले उसकी तैयारी करेंगे पाठ को रोजाना डायरी में नोट करेंगे। इस व्यवस्था को ‘पाठ-टिका’ नाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षक एक दिन पहले पाठ-टिका (डायरी) तैयार करेंगे। रोजाना पढ़ाए गए विषय का संक्षिप्त विवरण डायरी में लिखेंगे। शिक्षा विभाग मध्याह्न भोजन और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सतर्क है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि बच्चों को खिलाने से पहले प्रधान शिक्षक या संबंधित शिक्षक खुद भोजन चखेंगे। जहां भोजन बनता है, वहां साफ-सफाई अनिवार्य होगी। रसोई की दीवार और फर्श की नियमित सफाई करनी होगी। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्कूल में छात्रों की संख्या, भोजन करने वाले बच्चों की संख्या और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति फोटो के साथ दर्ज करना होगा। इसके अलावा, जिला शिक्षा कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बिना अवकाश स्वीकृत हुए शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रहेंगे। रैंडम जांच में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। एक समय में 10 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षकों को अवकाश नहीं दिया जाएगा। अवकाश से पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। वहीं, सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब शिक्षक किसी भी विषय को पढ़ाने से पहले उसकी तैयारी करेंगे पाठ को रोजाना डायरी में नोट करेंगे। इस व्यवस्था को ‘पाठ-टिका’ नाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षक एक दिन पहले पाठ-टिका (डायरी) तैयार करेंगे। रोजाना पढ़ाए गए विषय का संक्षिप्त विवरण डायरी में लिखेंगे।


