पटना विश्वविद्यालय : वाणिज्य कॉलेज में कॉमर्स के शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू होंगे

पटना विश्वविद्यालय : वाणिज्य कॉलेज में कॉमर्स के शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू होंगे

पटना विश्वविद्यालय के वाणिज्य कॉलेज में कॉमर्स से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। कॉलेज इसकी प्लानिंग कर रहा है। इसके अलावा, कई अन्य कोर्स पर भी विचार किया जा रहा है, जो कॉमर्स से जुड़ा है और कॅरियर में सहायक है। दूसरे कॉलेजों और विषयों के स्नातक छात्र भी उक्त कोर्स कर सकेंगे। वही कोर्स शुरू होंगे, जिनकी वर्तमान में मांग है। ये कोर्स छह महीने से साल भर तक के हो सकते हैं। कॉलेज की कमेटी सर्वसम्मति से जो निर्णय लेगी, उसको स्वीकृति के लिए विवि के एकेडमिक काउंसिल के पास भेजा जाएगा। नए सत्र से इन कोर्स को शुरू करने की तैयारी है। ये कोर्स दे रहे हैं कॅरियर के बेहतर विकल्प अकाउंटिंग, टैली, जीएसटी, बेसिक अकाउंटिंग, इनकम टैक्स फाइलिंग, बैंकिंग/शेयर मार्केट, बैंकिंग फंडामेंटल, शेयर मार्केट (बेसिक), म्यूचुअल फंड कोर्स, कंप्यूटर अकाउंटिंग, बिजनेस/ मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, सेल्स एंड मार्केटिंग, ई-कॉमर्स सहित अन्य कोर्स को कॉलेज की कमेटी द्वारा चयन कर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कॉमर्स के शॉर्ट टर्म कोर्स करने से कम समय में जरूरी स्किल मिलती है। इससे जल्दी नौकरी या साइड इनकम का मौका मिलता है। ये कोर्स प्रैक्टिकल होते हैं, जिससे ऑफिस, अकाउंटिंग या बिजनेस का काम आसानी से समझ में आता है। पटना विश्वविद्यालय के वाणिज्य कॉलेज में कॉमर्स से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। कॉलेज इसकी प्लानिंग कर रहा है। इसके अलावा, कई अन्य कोर्स पर भी विचार किया जा रहा है, जो कॉमर्स से जुड़ा है और कॅरियर में सहायक है। दूसरे कॉलेजों और विषयों के स्नातक छात्र भी उक्त कोर्स कर सकेंगे। वही कोर्स शुरू होंगे, जिनकी वर्तमान में मांग है। ये कोर्स छह महीने से साल भर तक के हो सकते हैं। कॉलेज की कमेटी सर्वसम्मति से जो निर्णय लेगी, उसको स्वीकृति के लिए विवि के एकेडमिक काउंसिल के पास भेजा जाएगा। नए सत्र से इन कोर्स को शुरू करने की तैयारी है। ये कोर्स दे रहे हैं कॅरियर के बेहतर विकल्प अकाउंटिंग, टैली, जीएसटी, बेसिक अकाउंटिंग, इनकम टैक्स फाइलिंग, बैंकिंग/शेयर मार्केट, बैंकिंग फंडामेंटल, शेयर मार्केट (बेसिक), म्यूचुअल फंड कोर्स, कंप्यूटर अकाउंटिंग, बिजनेस/ मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, सेल्स एंड मार्केटिंग, ई-कॉमर्स सहित अन्य कोर्स को कॉलेज की कमेटी द्वारा चयन कर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कॉमर्स के शॉर्ट टर्म कोर्स करने से कम समय में जरूरी स्किल मिलती है। इससे जल्दी नौकरी या साइड इनकम का मौका मिलता है। ये कोर्स प्रैक्टिकल होते हैं, जिससे ऑफिस, अकाउंटिंग या बिजनेस का काम आसानी से समझ में आता है।  

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