पटना सिविल कोर्ट में हथियार के साथ घुसने वाले मामले में पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने आज बताया कि जिन लोगों ने यह षड्यंत्र रचा था, उनकी पहचान कर ली गई है। जल्द ही फरार अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे। इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी मनमुटाव था। जिनकी गिरफ्तारी हुई है, उनका आपराधिक इतिहास रहा है। मामले की जांच चल रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा। पीयूष कुमार गिरफ्तार, अमित फरार कल 28 जनवरी को पटना सिविल कोर्ट परिसर में हथियार लेकर घुसने की कोशिश करते हुए पुलिस ने पीयूष कुमार को गिरफ्तार किया। वह वैशाली जिले के बलुआ कुंआरी गांव का रहने वाला है। पीयूष अपने साथी अमित के साथ पुराने सिविल सर्जन कार्यालय के गेट से घुस रहा था। गेट पर तैनात एएसआई प्रमोद कुमार रजक और अन्य पुलिसकर्मियों ने शक होने पर तलाशी ली। उसके पास से पिस्टल, 8 कारतूस और 2 मैग्जीन बरामद हुए। अमित मौके से भाग गया। सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बढ़ाई गई घटना की सूचना मिलते ही टाउन एसडीपीओ, सिटी एसपी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। कोर्ट परिसर में अमित के छिपे होने की आशंका के कारण सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसके साथ ही कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सुपारी और पुराने विवाद की जांच पीयूष और अमित पहले भी मारपीट, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में जेल जा चुके हैं। पूछताछ में पीयूष ने बताया कि दोनों हाजीपुर से ऑटो से पटना आए थे। पुलिस का अनुमान है कि किसी ने इन्हें सुपारी दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों नीलेश मुखिया हत्याकांड के आरोपियों को निशाना बनाने के लिए आए थे। 31 जुलाई 2023 को पाटलिपुत्र के कुर्जी मोड़ के पास नीलेश मुखिया को गोली लगी थी, बाद में उनकी दिल्ली में मौत हो गई थी। पटना सिविल कोर्ट में हथियार के साथ घुसने वाले मामले में पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने आज बताया कि जिन लोगों ने यह षड्यंत्र रचा था, उनकी पहचान कर ली गई है। जल्द ही फरार अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे। इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी मनमुटाव था। जिनकी गिरफ्तारी हुई है, उनका आपराधिक इतिहास रहा है। मामले की जांच चल रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा। पीयूष कुमार गिरफ्तार, अमित फरार कल 28 जनवरी को पटना सिविल कोर्ट परिसर में हथियार लेकर घुसने की कोशिश करते हुए पुलिस ने पीयूष कुमार को गिरफ्तार किया। वह वैशाली जिले के बलुआ कुंआरी गांव का रहने वाला है। पीयूष अपने साथी अमित के साथ पुराने सिविल सर्जन कार्यालय के गेट से घुस रहा था। गेट पर तैनात एएसआई प्रमोद कुमार रजक और अन्य पुलिसकर्मियों ने शक होने पर तलाशी ली। उसके पास से पिस्टल, 8 कारतूस और 2 मैग्जीन बरामद हुए। अमित मौके से भाग गया। सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बढ़ाई गई घटना की सूचना मिलते ही टाउन एसडीपीओ, सिटी एसपी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। कोर्ट परिसर में अमित के छिपे होने की आशंका के कारण सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसके साथ ही कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सुपारी और पुराने विवाद की जांच पीयूष और अमित पहले भी मारपीट, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में जेल जा चुके हैं। पूछताछ में पीयूष ने बताया कि दोनों हाजीपुर से ऑटो से पटना आए थे। पुलिस का अनुमान है कि किसी ने इन्हें सुपारी दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों नीलेश मुखिया हत्याकांड के आरोपियों को निशाना बनाने के लिए आए थे। 31 जुलाई 2023 को पाटलिपुत्र के कुर्जी मोड़ के पास नीलेश मुखिया को गोली लगी थी, बाद में उनकी दिल्ली में मौत हो गई थी।


