औरंगाबाद पहुंची खेल मंत्री श्रेयसी सिंह:क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच का किया उद्घाटन, बोली- पदक लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत खिलाड़ियों को मिल रही सरकारी नौकरी

औरंगाबाद पहुंची खेल मंत्री श्रेयसी सिंह:क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच का किया उद्घाटन, बोली- पदक लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत खिलाड़ियों को मिल रही सरकारी नौकरी

बिहार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह गुरुवार को औरंगाबाद पहुंची, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। खेल मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ‘पदक लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतार रही है। यह योजना राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए सम्मान के साथ-साथ सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देना है। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष “पदक लाओ, नौकरी पाओ” योजना के तहत बिहार के 71 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई थी, जबकि चालू वर्ष में अब तक 86 खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, भाजपा के वरीय नेता सुनील कुमार सिंह, औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह और कुटुंबा विधायक ललन राम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में माला और बुके लेकर मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग मैदान उपलब्ध कराने की है योजना इसके बाद खेल मंत्री मदनपुर प्रखंड के संढैल खेल मैदान में आयोजित युवा क्रिकेट क्लब संढैल टुर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में शामिल हुईं। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए सरकार आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य भर में विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग खेल मैदान उपलब्ध कराने और नए मैदानों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों की नियुक्ति की भी योजना है, ताकि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।खेल मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर खेल विकास के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “खेलो इंडिया” योजना के माध्यम से शहरी और ग्रामीण खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री विदेशों में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर लौटने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं एक खिलाड़ी होने के नाते वे खिलाड़ियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझती हैं और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। खिलाड़ी होने के नाते समझती हूं खिलाड़ियों का दर्द श्रेयसी सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि वे पिछले 19 वर्षों से खेल के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं और बिहार की बेटी के रूप में देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। आज जब एक खिलाड़ी राज्य की खेल मंत्री बनी है, तो बिहार के बच्चों को खेल के क्षेत्र में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संढैल और इस क्षेत्र से उनके पारिवारिक रिश्ते रहे हैं और यहां के ऐतिहासिक, धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों के विकास की भी आवश्यकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि खेल से सामाजिक समरसता के साथ-साथ युवाओं में अनुशासन, एकता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने खेल मैदान के विकास को लेकर खेल मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन को पूरा कराने में सहयोग देने की बात कही। बिहार विधान परिषद सदस्य दिलीप कुमार सिंह और विधायक ललन राम ने कहा कि क्रिकेट, फुटबॉल सहित अन्य खेलों में खिलाड़ियों की जिस खेल में रुचि होगी, उसी में सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। फाइनल मुकाबले में मदनपुर की टीम ने जलवान को हराया टुर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में मदनपुर और जलवन की टीम आमने-सामने थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जलवन की टीम ने निर्धारित 12 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 135 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मदनपुर की टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और चार विकेट से मैच जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए शुभम कुमार को मैन ऑफ द मैच और सोनू कुमार को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया। विजेता और उपविजेता टीम को व्यापार मंडल अध्यक्ष पियूष रंजन ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, खेल आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। खेल मंत्री के दौरे और घोषणाओं से खिलाड़ियों में नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। बिहार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह गुरुवार को औरंगाबाद पहुंची, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। खेल मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ‘पदक लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतार रही है। यह योजना राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए सम्मान के साथ-साथ सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देना है। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष “पदक लाओ, नौकरी पाओ” योजना के तहत बिहार के 71 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई थी, जबकि चालू वर्ष में अब तक 86 खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, भाजपा के वरीय नेता सुनील कुमार सिंह, औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह और कुटुंबा विधायक ललन राम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में माला और बुके लेकर मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग मैदान उपलब्ध कराने की है योजना इसके बाद खेल मंत्री मदनपुर प्रखंड के संढैल खेल मैदान में आयोजित युवा क्रिकेट क्लब संढैल टुर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में शामिल हुईं। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए सरकार आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य भर में विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग खेल मैदान उपलब्ध कराने और नए मैदानों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों की नियुक्ति की भी योजना है, ताकि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।खेल मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर खेल विकास के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “खेलो इंडिया” योजना के माध्यम से शहरी और ग्रामीण खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री विदेशों में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर लौटने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं एक खिलाड़ी होने के नाते वे खिलाड़ियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझती हैं और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। खिलाड़ी होने के नाते समझती हूं खिलाड़ियों का दर्द श्रेयसी सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि वे पिछले 19 वर्षों से खेल के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं और बिहार की बेटी के रूप में देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। आज जब एक खिलाड़ी राज्य की खेल मंत्री बनी है, तो बिहार के बच्चों को खेल के क्षेत्र में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संढैल और इस क्षेत्र से उनके पारिवारिक रिश्ते रहे हैं और यहां के ऐतिहासिक, धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों के विकास की भी आवश्यकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि खेल से सामाजिक समरसता के साथ-साथ युवाओं में अनुशासन, एकता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने खेल मैदान के विकास को लेकर खेल मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन को पूरा कराने में सहयोग देने की बात कही। बिहार विधान परिषद सदस्य दिलीप कुमार सिंह और विधायक ललन राम ने कहा कि क्रिकेट, फुटबॉल सहित अन्य खेलों में खिलाड़ियों की जिस खेल में रुचि होगी, उसी में सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। फाइनल मुकाबले में मदनपुर की टीम ने जलवान को हराया टुर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में मदनपुर और जलवन की टीम आमने-सामने थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जलवन की टीम ने निर्धारित 12 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 135 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मदनपुर की टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और चार विकेट से मैच जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए शुभम कुमार को मैन ऑफ द मैच और सोनू कुमार को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया। विजेता और उपविजेता टीम को व्यापार मंडल अध्यक्ष पियूष रंजन ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, खेल आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। खेल मंत्री के दौरे और घोषणाओं से खिलाड़ियों में नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।  

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