अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने गुरुवार को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार की प्रमुख युवा-केंद्रित योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की और आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन सबमिशन और स्वीकृति की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। जिला पदाधिकारी ने केंद्र में मौजूद युवा आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि आवेदन प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा, देरी या अन्य कठिनाई का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। आवेदकों ने मार्गदर्शन, सहायता और प्रक्रिया की सरलता पर अपनी प्रतिक्रिया दी। डीएम ने डीआरसीसी प्रबंधक को सख्त निर्देश दिए कि सभी पात्र युवाओं तक इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पूरी तरह पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने केंद्र के सभी कर्मचारियों को आवेदकों के प्रति सहयोगी, संवेदनशील और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिजिटल उपकरणों की कार्यक्षमता का अवलोकन किया जिला पदाधिकारी ने केंद्र की आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने काउंटर व्यवस्था, प्रतीक्षालय, सूचना पट्ट, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल उपकरणों की कार्यक्षमता और समग्र कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र को और अधिक आवेदक-अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुधार तुरंत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीआरसीसी प्रबंधक सहित केंद्र के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन युवाओं के सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। जिला प्रशासन का यह सक्रिय रुख युवाओं में इन योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने गुरुवार को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार की प्रमुख युवा-केंद्रित योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की और आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन सबमिशन और स्वीकृति की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। जिला पदाधिकारी ने केंद्र में मौजूद युवा आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि आवेदन प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा, देरी या अन्य कठिनाई का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। आवेदकों ने मार्गदर्शन, सहायता और प्रक्रिया की सरलता पर अपनी प्रतिक्रिया दी। डीएम ने डीआरसीसी प्रबंधक को सख्त निर्देश दिए कि सभी पात्र युवाओं तक इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पूरी तरह पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने केंद्र के सभी कर्मचारियों को आवेदकों के प्रति सहयोगी, संवेदनशील और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिजिटल उपकरणों की कार्यक्षमता का अवलोकन किया जिला पदाधिकारी ने केंद्र की आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने काउंटर व्यवस्था, प्रतीक्षालय, सूचना पट्ट, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल उपकरणों की कार्यक्षमता और समग्र कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र को और अधिक आवेदक-अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुधार तुरंत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीआरसीसी प्रबंधक सहित केंद्र के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन युवाओं के सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। जिला प्रशासन का यह सक्रिय रुख युवाओं में इन योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।


