कोंडागांव विकासखंड के ग्राम चिपावंड में 29 जनवरी को महतारी सदन भवन का लोकार्पण किया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा और बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने संयुक्त रूप से भवन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लोकार्पण के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने अलग-अलग विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया और हितग्राहियों को सामग्री सौंपी। इस अवसर पर 10 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी हुआ। जनजातीय समाज के विकास पर जोर डॉ. लकड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख किया। साथ ही जनजातीय दिवस की शुरुआत को जनजातीय गौरव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। महिलाओं के सशक्तिकरण का बनेगा केंद्र डॉ. लकड़ा ने कोंडागांव की शिल्पकला की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की कला को राष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने नए महतारी सदन भवन के लोकार्पण पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि यह भवन महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री की लखपति दीदी पहल को भी महिलाओं के लिए लाभकारी बताया। विकसित भारत योजना की दी जानकारी राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन ने केंद्र सरकार की विकसित भारत जीरामजी योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम पहल है। इसके माध्यम से जल संचयन के कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे गांवों का समग्र विकास होगा। सीड लाइसेंस और हितग्राहियों को लाभ कार्यक्रम में बिहान समूह की महिलाओं से जुड़े आजीविका सेवा केंद्र के 12 संगठनों को सीड लाइसेंस दिए गए, जो छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ है। इन संगठनों के माध्यम से कृषि सखी अपने क्षेत्रों में सेवाएं दे सकेंगी। इसके साथ ही 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 4 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और 04 लखपति दीदियों को सम्मान प्रदान किया गया।


