विश्व प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल बोधगया के प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर गुरुवार को बीटीएमसी सभागार में खास बैठक हुई। बैठक में कॉरिडोर के ब्लूप्रिंट, डिजाइन, संरचना और उसमें शामिल की जाने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विषय यह था कि कॉरिडोर ऐसा हो, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सहूलियत भरा हो और स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें साथ बोधगया की भव्यता आकर्षक हो। बैठक की अध्यक्षता डीएम शशांक शुभंकर ने की। इसमें बीटीएमसी के सचिव, कॉरिडोर का ब्लूप्रिंट तैयार करने वाले अधिकारी, बोधगया के स्थानीय व्यापारी, प्रबुद्ध नागरिक, स्थानीय विधायक, नगर परिषद अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डीएम बोले- श्रद्धालुओं, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि बोधगया अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला स्थल है। यहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। कॉरिडोर का डिजाइन ऐसा हो, जो व्यावहारिक हो और लंबे समय तक उपयोगी साबित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सिर्फ नक्शा देखना नहीं, बल्कि यह समझना है कि जमीनी जरूरतें क्या हैं और किन सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक के दौरान यातायात व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुविधा, पार्किंग, सौंदर्यीकरण, रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और संकेतक बोर्ड जैसे मुद्दों पर सुझाव आए। स्थानीय व्यापारियों ने कॉरिडोर से व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपनी बातें रखीं। रोजगार के नए अवसर कैसे सृजित हों, इस पर भी चर्चा हुई। विधायक ने फुटपाथी फल विक्रेताओं, छोटे कारोबारियों का मुद्दा उठाया बैठक में भाग ले रहे स्थानीय विधायक कुमार सर्वजीत ने विशेष रूप से फुटपाथी फल और छोटे कारोबारियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बोधगया से जुड़े फुटपाथी फल कारोबारियों के लिए उपयुक्त और स्थायी स्थान चिन्हित किया जाना चाहिए। इससे एक ओर उनका रोज़गार सुरक्षित रहेगा और दूसरी ओर बोधगया की अंतरराष्ट्रीय छवि भी बेहतर बनेगी। बैठक में उठे सुझावों और बिंदुओं को कॉरिडोर के ब्लूप्रिंट में शामिल करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने संकेत दिए कि सभी पहलुओं पर विचार कर एक संतुलित और जनहितकारी कॉरिडोर का खाका तैयार किया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल बोधगया के प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर गुरुवार को बीटीएमसी सभागार में खास बैठक हुई। बैठक में कॉरिडोर के ब्लूप्रिंट, डिजाइन, संरचना और उसमें शामिल की जाने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विषय यह था कि कॉरिडोर ऐसा हो, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सहूलियत भरा हो और स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें साथ बोधगया की भव्यता आकर्षक हो। बैठक की अध्यक्षता डीएम शशांक शुभंकर ने की। इसमें बीटीएमसी के सचिव, कॉरिडोर का ब्लूप्रिंट तैयार करने वाले अधिकारी, बोधगया के स्थानीय व्यापारी, प्रबुद्ध नागरिक, स्थानीय विधायक, नगर परिषद अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डीएम बोले- श्रद्धालुओं, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि बोधगया अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला स्थल है। यहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। कॉरिडोर का डिजाइन ऐसा हो, जो व्यावहारिक हो और लंबे समय तक उपयोगी साबित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सिर्फ नक्शा देखना नहीं, बल्कि यह समझना है कि जमीनी जरूरतें क्या हैं और किन सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक के दौरान यातायात व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुविधा, पार्किंग, सौंदर्यीकरण, रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और संकेतक बोर्ड जैसे मुद्दों पर सुझाव आए। स्थानीय व्यापारियों ने कॉरिडोर से व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपनी बातें रखीं। रोजगार के नए अवसर कैसे सृजित हों, इस पर भी चर्चा हुई। विधायक ने फुटपाथी फल विक्रेताओं, छोटे कारोबारियों का मुद्दा उठाया बैठक में भाग ले रहे स्थानीय विधायक कुमार सर्वजीत ने विशेष रूप से फुटपाथी फल और छोटे कारोबारियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बोधगया से जुड़े फुटपाथी फल कारोबारियों के लिए उपयुक्त और स्थायी स्थान चिन्हित किया जाना चाहिए। इससे एक ओर उनका रोज़गार सुरक्षित रहेगा और दूसरी ओर बोधगया की अंतरराष्ट्रीय छवि भी बेहतर बनेगी। बैठक में उठे सुझावों और बिंदुओं को कॉरिडोर के ब्लूप्रिंट में शामिल करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने संकेत दिए कि सभी पहलुओं पर विचार कर एक संतुलित और जनहितकारी कॉरिडोर का खाका तैयार किया जाएगा।


