पूर्णिया में कारोबारी सूरज बिहारी की मंगलवार को गोली मारकर हत्या दी गई। बदमाशों ने उन्हें 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के 60 घंटे बीतने के बाद भी हत्याकांड के आरोपी पुलिस के पहुंच से दूर हैं। गुरुवार को कारोबारी सूरज बिहारी हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर विशाल कैंडल मार्च निकाला। परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर शहरवासी गोलबंद होकर सड़क पर उतरे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। हाथों में कैंडल लेकर सड़कों पर निकले लोग कैंडल मार्च की शुरुआत रामबाग स्थित SNSY डिग्री कॉलेज चौक से हुई। विभिन्न संगठनों के लोग कारोबारी सूरज बिहारी के परिवार को न्याय दिलाने चौक पर जुटे। हाथों में कैंडल लिए शहरवासी यहां से एकजुट होकर सड़क पर उतरे। कैंडल मार्च में हजारों लोग शामिल रहे। कैंडल मार्च के दौरान सड़कों पर लोगों का हुजूम दिखाई दिया। वाहनों को लंबी कतार लग गई। हाथों में कैंडल लिए शहरवासी जस्टिस फोर सूरज बिहारी, कारोबारी सूरज बिहारी के परिवार को न्याय दो, हत्यारों को फांसी दो, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाते दिखाई दिए। आरएन शॉ चौक पर सभा में तब्दील हो गई कैंडल मार्च कैंडल मार्च फोर्ड कंपनी चौक से निकलकर आस्था मंदिर, जेल रोड, टैक्सी स्टैंड जैसे मार्गो से होते हुए आर एन शॉ चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने दिवगंत कारोबारी सूरज बिहारी को सच्ची श्रद्धांजलि दी। लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोग बोले- 60 घंटे बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे राजेश यादव और रवि यादव ने कहा कि बीते 27 जनवरी को कारोबारी सूरज बिहारी की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे बुलावे पर समझौता कराने पहुंचे थे। बदमाशों ने उन्हें पीछे से 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद से मर्डर के सभी आरोपी फरार हैं। कारोबारी सूरज बिहारी की हत्या को 60 घंटे बीते चुके हैं, लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। इस मामले से जुड़े तीन मुख्य आरोपी स्नेहिल झा, ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह की तस्वीर सामने आई है। बुधवार को मृतक सूरज बिहारी के परिजनों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई। मगर आरोपी अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। कारोबारी की हत्या ये दिखलाती है कि अपराधियों में पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है। आरोपी खुलेआम फरार घूम रहे हैं। पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। पूर्णिया में कारोबारी सूरज बिहारी की मंगलवार को गोली मारकर हत्या दी गई। बदमाशों ने उन्हें 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के 60 घंटे बीतने के बाद भी हत्याकांड के आरोपी पुलिस के पहुंच से दूर हैं। गुरुवार को कारोबारी सूरज बिहारी हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर विशाल कैंडल मार्च निकाला। परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर शहरवासी गोलबंद होकर सड़क पर उतरे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। हाथों में कैंडल लेकर सड़कों पर निकले लोग कैंडल मार्च की शुरुआत रामबाग स्थित SNSY डिग्री कॉलेज चौक से हुई। विभिन्न संगठनों के लोग कारोबारी सूरज बिहारी के परिवार को न्याय दिलाने चौक पर जुटे। हाथों में कैंडल लिए शहरवासी यहां से एकजुट होकर सड़क पर उतरे। कैंडल मार्च में हजारों लोग शामिल रहे। कैंडल मार्च के दौरान सड़कों पर लोगों का हुजूम दिखाई दिया। वाहनों को लंबी कतार लग गई। हाथों में कैंडल लिए शहरवासी जस्टिस फोर सूरज बिहारी, कारोबारी सूरज बिहारी के परिवार को न्याय दो, हत्यारों को फांसी दो, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाते दिखाई दिए। आरएन शॉ चौक पर सभा में तब्दील हो गई कैंडल मार्च कैंडल मार्च फोर्ड कंपनी चौक से निकलकर आस्था मंदिर, जेल रोड, टैक्सी स्टैंड जैसे मार्गो से होते हुए आर एन शॉ चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने दिवगंत कारोबारी सूरज बिहारी को सच्ची श्रद्धांजलि दी। लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोग बोले- 60 घंटे बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे राजेश यादव और रवि यादव ने कहा कि बीते 27 जनवरी को कारोबारी सूरज बिहारी की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे बुलावे पर समझौता कराने पहुंचे थे। बदमाशों ने उन्हें पीछे से 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद से मर्डर के सभी आरोपी फरार हैं। कारोबारी सूरज बिहारी की हत्या को 60 घंटे बीते चुके हैं, लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। इस मामले से जुड़े तीन मुख्य आरोपी स्नेहिल झा, ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह की तस्वीर सामने आई है। बुधवार को मृतक सूरज बिहारी के परिजनों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई। मगर आरोपी अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। कारोबारी की हत्या ये दिखलाती है कि अपराधियों में पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है। आरोपी खुलेआम फरार घूम रहे हैं। पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।


