Rajasthan Assembly: खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर सुमित गोदारा ने रविंद्र सिंह भाटी को दिया झटका, इस बात से किया इनकार

Rajasthan Assembly: खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर सुमित गोदारा ने रविंद्र सिंह भाटी को दिया झटका, इस बात से किया इनकार

जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्येय है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित गिव-अप अभियान प्रदेश का देश में दूसरा ऐसा अभियान है, जिसे एक मॉडल के रूप में अपनाया गया है।

54 लाख 49 हजार 778 नागरिकों ने नाम हटवाया

मंत्री गोदारा ने कहा कि प्रदेश में अब तक 54 लाख 49 हजार 778 नागरिकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटाया है। इनमें बाड़मेर जिले से 1 लाख 56 हजार 654 नागरिक शामिल हैं। 26 जनवरी 2025 को पोर्टल खोले जाने के बाद एक वर्ष की अवधि में जिले में दोगुनी संख्या में 3 लाख 8 हजार 429 नए पात्र लाभार्थियों के नाम योजना में जोड़े गए हैं। शिव विधानसभा क्षेत्र से 4 हजार 342 लोगों ने गिव-अप किया है, जबकि 82 हजार से अधिक नए नाम जोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 11 लाख स्थान रिक्त हैं, जिन पर पात्र व्यक्ति अपना नाम जुड़वाकर योजना का लाभ ले सकते हैं।

भाटी के सवालों के दे रहे थे जवाब

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य रविंद्र सिंह भाटी के पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना से पृथक हुए परिवारों में से समावेशन श्रेणी की पात्रता के संबंध में कुल 1 हजार 525 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 802 परिवारों को पुनः योजना में सम्मिलित किया गया है, 81 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं, जबकि 642 आवेदन जांच प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा जिले में कुल 4 हजार 997 आवेदन और शिव विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार 421 आवेदन वर्ष 2025 के पोर्टल पर विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं।

इससे पहले विधायक रविंद्र सिंह भाटी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री गोदारा ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा योजना में नवम्बर 2024 से 23 जनवरी 2026 तक बाड़मेर जिले में राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 की अनुसूची-1 में उल्लेखित निष्कासन श्रेणी के मानदण्डों में आने वाले 57 हजार 205 परिवार पृथक हुए हैं। राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 की अनुसूची-1 की प्रति उन्होंने सदन के पटल पर रखी।

ई-केवाईसी जारी

उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के क्रम में चयनित परिवारों और लाभार्थियों के राशन कार्डों की आधार सीडिंग और ई-केवाईसी करवाई जा रही है। नवम्बर 2024 से 28 फरवरी 2026 तक गिव-अप अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत योजना में शामिल सक्षम व्यक्तियों को स्वेच्छा से नाम हटाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, खाद्य सुरक्षा सूची में नाम शामिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर ई-केवाईसी पूरी नहीं होने की स्थिति में प्रावधान के तहत नाम हटाए जा रहे हैं।

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मंत्री गोदारा ने बताया कि बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना से पृथक हुए परिवारों में से समावेशन श्रेणी की पात्रता को लेकर विधानसभा क्षेत्र बाड़मेर में 402, चौहटन में 561, शिव में 298, गुड़ामालानी में 235 और बायतु (केवल बाटाडु) में 29 सहित कुल 1 हजार 525 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाड़मेर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से हटाए गए परिवारों का अलग से सर्वे कराने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

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