बिहार में कांग्रेस शुरू करेगी ‘टैलेंट हंट’ प्रोग्राम:2 फरवरी को लॉन्च की तैयारी, अभय दुबे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

बिहार विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अब बिहार में अपने आप को मजबूत करने में लगा हुआ है। राहुल गांधी के निर्देशानुसार वेणुगोपाल ने बिहार कांग्रेस को कई जरूरी निर्देश दिए हैं। कांग्रेस बिहार में ‘टैलेंट हंट’ शुरू करने वाली है। टैलेंट हंट प्रोग्राम के जरिए कांग्रेस बिहार में बीजेपी से फाइट करना चाहती है। 2 फरवरी को बिहार में टैलेंट हंट को लांच करने की तैयारी है। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे को एक बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। जमीनी स्तर पर संचार की व्यवस्था को ताकतवर बनाएगी कांग्रेस इस टैलेंट हंट के तहत कांग्रेस राष्ट्रीय और राज्य दोनों ही स्तरों पर मेधा की खोज करेगी। जमीनी स्तर पर संचार की व्यवस्था को ताकतवर बनाने के लिए कांग्रेस योग्य, सक्षम और प्रतिबद्ध व्यक्तियों की पहचान करेगा। तीन मुख्य पदों- प्रवक्ता, शोधकर्ता और पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर पर आत्मविश्वास से भरे हुए युवाओं को खोजा जाएगा। पार्टी का मानना है कि कांग्रेस ठीक तरीके से अपनी बात लोगों तक नहीं पहुंचा पाई साथ ही बीजेपी की विफलता को दमदार तरीके से सामने नहीं लाया जा सका। तीन पदों पर होगी टैलेंट हंट में खोज प्रवक्ता- इस पद के लिए ऐसे युवा की तलाश है जो मुद्दों पर अच्छी पकड़ रखने के लिए तार्किक दिमाग रखते हैं। जो मीडिया के दबाव को संभाल सके और तमाम तथ्यों को अनुशासित और कन्विंसिंग तरीके से रख सके। रिसर्चर- इस पद के लिए वैसे व्यक्ति की तलाश है जिसके अंदर शोध और विश्लेषण की क्षमता हो। आंकड़ों और मुद्दों को स्पष्ट और विश्वसनीय तरीके से तैयार करके ठोस निष्कर्ष सामने ला सके। रिजल्ट ओरिएंटेड वर्क में जो युवा माहिर हो उसका ही चयन इसके लिए किया जाएगा। पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर- इसके लिए सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर, डिजिटल आउटरीच और जमीनी स्तर पर जन-संगठन का अनुभव रखने वाला चाहिए। पार्टी का संदेश कम समय में अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाने की टेक्नोलॉजी में तेज हो। बिहार के हर क्षेत्र के लिए होगा एक रीजनल कोऑर्डिनेटर इसमें मीडिया से जुड़े लोगों जैसे असित नाथ तिवारी, राजेश राठौर, आदि को बड़ी जवाबदेही मिल सकती है। टैलेंट हंट के ठीक से संचालन और निगरानी के लिए एक संयोजक भी बनाया जाना है। आयोजन समिति की संरचना में राज्य / केंद्र शासित प्रदेश के नोडल कोऑर्डिनेटर, संयोजक, सह-संयोजक, सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर, प्रतिनिधि जिनमें एससी- एसटी, महिला कांग्रेस, ओबीसी विभाग, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, सेवा दल, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के सदस्य शामिल होंगे। बिहार के हर क्षेत्र के लिए एक रीजनल कोऑर्डिनेटर होगा। रीजनल लेवल पर भौगोलिक तरीके से चार से छह क्षेत्रों में बांट कर इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। जिला अध्यक्षों को इससे जोड़ने के लिए वाट्स एप ग्रुप बनाया जाएगा। टैलेंट हंट के जमीनी प्रचार-प्रसार के लिए हर जिले में तीन-चार पब्लिसिटी वॉलंटियर्स की नियुक्ति की जाएगी। बिहार विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अब बिहार में अपने आप को मजबूत करने में लगा हुआ है। राहुल गांधी के निर्देशानुसार वेणुगोपाल ने बिहार कांग्रेस को कई जरूरी निर्देश दिए हैं। कांग्रेस बिहार में ‘टैलेंट हंट’ शुरू करने वाली है। टैलेंट हंट प्रोग्राम के जरिए कांग्रेस बिहार में बीजेपी से फाइट करना चाहती है। 2 फरवरी को बिहार में टैलेंट हंट को लांच करने की तैयारी है। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे को एक बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। जमीनी स्तर पर संचार की व्यवस्था को ताकतवर बनाएगी कांग्रेस इस टैलेंट हंट के तहत कांग्रेस राष्ट्रीय और राज्य दोनों ही स्तरों पर मेधा की खोज करेगी। जमीनी स्तर पर संचार की व्यवस्था को ताकतवर बनाने के लिए कांग्रेस योग्य, सक्षम और प्रतिबद्ध व्यक्तियों की पहचान करेगा। तीन मुख्य पदों- प्रवक्ता, शोधकर्ता और पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर पर आत्मविश्वास से भरे हुए युवाओं को खोजा जाएगा। पार्टी का मानना है कि कांग्रेस ठीक तरीके से अपनी बात लोगों तक नहीं पहुंचा पाई साथ ही बीजेपी की विफलता को दमदार तरीके से सामने नहीं लाया जा सका। तीन पदों पर होगी टैलेंट हंट में खोज प्रवक्ता- इस पद के लिए ऐसे युवा की तलाश है जो मुद्दों पर अच्छी पकड़ रखने के लिए तार्किक दिमाग रखते हैं। जो मीडिया के दबाव को संभाल सके और तमाम तथ्यों को अनुशासित और कन्विंसिंग तरीके से रख सके। रिसर्चर- इस पद के लिए वैसे व्यक्ति की तलाश है जिसके अंदर शोध और विश्लेषण की क्षमता हो। आंकड़ों और मुद्दों को स्पष्ट और विश्वसनीय तरीके से तैयार करके ठोस निष्कर्ष सामने ला सके। रिजल्ट ओरिएंटेड वर्क में जो युवा माहिर हो उसका ही चयन इसके लिए किया जाएगा। पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर- इसके लिए सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर, डिजिटल आउटरीच और जमीनी स्तर पर जन-संगठन का अनुभव रखने वाला चाहिए। पार्टी का संदेश कम समय में अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाने की टेक्नोलॉजी में तेज हो। बिहार के हर क्षेत्र के लिए होगा एक रीजनल कोऑर्डिनेटर इसमें मीडिया से जुड़े लोगों जैसे असित नाथ तिवारी, राजेश राठौर, आदि को बड़ी जवाबदेही मिल सकती है। टैलेंट हंट के ठीक से संचालन और निगरानी के लिए एक संयोजक भी बनाया जाना है। आयोजन समिति की संरचना में राज्य / केंद्र शासित प्रदेश के नोडल कोऑर्डिनेटर, संयोजक, सह-संयोजक, सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर, प्रतिनिधि जिनमें एससी- एसटी, महिला कांग्रेस, ओबीसी विभाग, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, सेवा दल, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के सदस्य शामिल होंगे। बिहार के हर क्षेत्र के लिए एक रीजनल कोऑर्डिनेटर होगा। रीजनल लेवल पर भौगोलिक तरीके से चार से छह क्षेत्रों में बांट कर इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। जिला अध्यक्षों को इससे जोड़ने के लिए वाट्स एप ग्रुप बनाया जाएगा। टैलेंट हंट के जमीनी प्रचार-प्रसार के लिए हर जिले में तीन-चार पब्लिसिटी वॉलंटियर्स की नियुक्ति की जाएगी।  

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