ब्लास्टिंग से घरों में दरारें,मकानों की गिराऊ स्थिति:कहा-माफियाओं ने अधिकारियों से मिलकर खनन का नक्शा ही बदल दिया;पुलिस हमे ही धमका रही

ब्लास्टिंग से घरों में दरारें,मकानों की गिराऊ स्थिति:कहा-माफियाओं ने अधिकारियों से मिलकर खनन का नक्शा ही बदल दिया;पुलिस हमे ही धमका रही

अलवर जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में अवैध खनन और ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। ब्लास्टिंग इस कदर होती है की लोगों के घरों में दरार हो गई सुराग हो गए कई घर ब्लास्टिंग से गिर गए। अवैध ब्लास्टिंग से नाराज़ सैकड़ों ग्रामीण आज अलवर जिला कलेक्टर से मिले और ज्ञापन देकर इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों की ओर से सरदार सुरजन सिंह ने बताया कि आलमपुर गांव में जबरदस्त तरीके से अवैध खनन किया जा रहा है। ब्लास्टिंग खसरा नंबर एक में हो रही है, जबकि गांव की आबादी खसरा नंबर दो में है। इससे ग्रामीणों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है।उन्होंने आरोप लगाया कि नाहरपुर खुर्द के नाम पर खनन की लीज दी गई है, लेकिन अधिकारियों ने लीज का नक्शा ही बदल दिया, जिससे पूरी ब्लास्टिंग आलमपुर गांव में की जा रही है। इसका असर यह है कि गांव के मकानों में दरारें आ गई हैं और कई मकान गिरने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। दिन-रात ब्लास्टिंग की जा रही है। सरदार सुरजन सिंह ने खनन करने वालों के नाम गिनाते हुए सुमन मति, वेदपाल, विजय, सुरेंद्र और इकबाल सहित कई लोगों पर अवैध ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि ब्लास्टिंग से इतनी धूल उड़ती है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है और लोगों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आबादी क्षेत्र के खसरा नंबर 77 को गलत तरीके से 92 दिखाया गया है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने अवैध खनन कर्ताओं से मिलकर नक्शे में हेरफेर की है। इसी तरह ग्रामीण नरेंद्र सिंह ने बताया कि पहाड़ खसरा नंबर एक में है और आबादी खसरा नंबर दो में, जबकि नाहरपुर में खसरा नंबर तीन में लीज दी गई है, लेकिन उसका नक्शा भी बदल दिया गया है। नाहरपुर क्षेत्र अरावली पर्वतमाला में आता है, जहां ब्लास्टिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद आबादी क्षेत्र से महज 125 मीटर दूर ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे भारी प्रदूषण फैल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे इस मामले की शिकायत लेकर नौगांवा पुलिस थाने जाते हैं, तो उन्हें भगा दिया जाता है और धमकी दी जाती है कि अगर खनन माफिया के खिलाफ आवाज उठाई तो जेल में डाल दिया जाएगा। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को इस पूरे मामले की शिकायत की है।

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