Sanjay Kapoor Property Dispute Update: दिवंगत उद्योगपति (बिजनेसमैन) संजय कपूर की 30,000 करोड़ की बेहिसाब दौलत अब परिवार में कलह की वजह बन चुकी है। मां, पत्नी और पूर्व पत्नी के बच्चों तीनों ओर से दावा ठोकने के बाद विरासत की ये जंग और तेज हो गई है। करोड़ों नहीं, अरबों की इस संपत्ति पर किसका हक होगा, यही सवाल अब सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। इसी बीच संजय कपूर की मां रानी कपूर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने समन जारी कर दिया है, जिसके बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
मां रानी कपूर का आरोप
रानी कपूर का कहना है कि उनके बेटे के निधन के बाद उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। उनकी शिकायत है कि उनकी जानकारी या अनुमति के बिना उनकी पूरी संपत्ति को चुपके-चुपके एक ट्रस्ट में डाल दिया गया। इस मामले पर कोर्ट ने नोटिस भेज दिया है, लेकिन अभी तक कोई अंतरिम फैसला नहीं दिया गया है।
याचिका में रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ और उनके परिवार की संपत्ति के साथ कई अवैध काम किए गए। उनका दावा है कि उनकी बहू प्रिया कपूर, पूर्व पत्नी और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चे और कुल 22 लोगों ने मिलकर एक नकली फैमिली ट्रस्ट खड़ा कर दिया। इस ट्रस्ट के जरिए उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया और उन्हें उनके ही परिवार की संपत्ति से बाहर कर दिया गया।
रानी का कहना है कि जब यह सब किया गया, उस समय वे मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थीं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उनसे कई दस्तावेजों पर साइन करवा लिए गए, जो बाद में उनकी संपत्ति हथियाने के लिए इस्तेमाल किए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटे संजय कपूर की मौत के तुरंत बाद, उनकी जानकारी के बिना बड़ी-बड़ी ग्रुप कंपनियों का नियंत्रण भी बदल दिया गया। रानी कपूर ने ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ को पूरी तरह अवैध, धोखाधड़ी पर आधारित और सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि इस ट्रस्ट को रद्द किया जाए और उनकी संपत्ति उन्हें उसी रूप में लौटाई जाए, जैसी वह ट्रस्ट बनने से पहले थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया समन
इस पूरे मामले पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया सचदेव कपूर को समन भेजने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने फिलहाल ट्रस्ट पर यथास्थिति बनाए रखने का कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है।
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले में प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों की भूमिका भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। संपत्ति और ट्रस्ट को लेकर दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त खींचतान चल रही है। कोर्ट में दोनों ओर से दावे, सबूत और गवाह पेश किए जा चुके हैं, और अब अगली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में अब आने वाली 23 मार्च को यह साफ होगा कि ट्रस्ट की संपत्ति पर असली अधिकार किसका है?


