भदोही में यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने तीसरे दिन भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह कानून समाज में भेदभाव पैदा करेगा। उनके अनुसार, शिक्षा के मंदिरों में जहां पहले छात्र सद्भावना से शिक्षा ग्रहण करते थे, अब वहां जातिगत भावनाएं उत्पन्न होंगी। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का उपयोग क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य समाज को फर्जी तरीके से फंसाने के लिए भी किया जा सकता है। सवर्ण समाज ने इस कानून को किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं बताया और सवाल उठाया कि जब किसी ने इसकी मांग नहीं की थी, तो सरकार ने इसे क्यों लागू किया। प्रदर्शनकारियों ने कानून को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की, ताकि किसी के साथ कोई भेदभाव उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज प्राचीन काल से सभी वर्गों के साथ मिलकर शिक्षा ग्रहण करते थे और कोई समस्या नहीं आती थी। उनका मानना है कि सरकार यह कानून लाकर उन्हें बांटने और लड़ाने का काम करेगी। इस अवसर पर शुभम पांडे, पंकज शुक्ला, अमित दुबे, अभिषेक तिवारी, रितेश तिवारी, अवधेश मिश्रा, अमित मिश्रा, ऋषि अमित सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।


