औरंगाबाद में मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के सफल आयोजन को लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की ओर से आयोजित की जाने वाली इन परीक्षाओं के लिए जिले में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कर लिया गया है। मैट्रिक की परीक्षा जिले के 48 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा 50 केंद्रों पर होगी। प्रशासन ने परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और सख्त व्यवस्था करने का दावा किया है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में 39696 छात्र होंगे शामिल मैट्रिक परीक्षा में कुल 47,026 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें पहली पाली में 23,509 और द्वितीय पाली में 23,517 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 39,696 परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। इंटर परीक्षा में संकायवार आंकड़ों की बात करें तो कामर्स में 400, आर्ट्स में 18,870 और साइंस में 20,426 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है।जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध रहे। परीक्षा तिथियों की घोषणा के साथ ही केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति, वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति तथा अन्य परीक्षा कर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। 2 फरवरी से इंटर-17 से मैट्रिक की परीक्षा होगी शुरू इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से प्रारंभ होगी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू की जाएगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है। परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी, ताकि अनावश्यक भीड़ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर पाबंदी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में फोटोस्टेट दुकानों के संचालन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। वीक्षकों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नकल या कदाचार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित परीक्षार्थी के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीएसईबी की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने और उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित संधारण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। प्रश्नपत्रों के वितरण और उत्तरपुस्तिकाओं के संग्रहण के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी है। कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम डीईओ सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा 2026 के सफल, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त आयोजन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएंगी। परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भी परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सजगता देखी जा रही है। शिक्षा विभाग ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और केवल आवश्यक सामग्री ही अपने साथ लाएं। औरंगाबाद में मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के सफल आयोजन को लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की ओर से आयोजित की जाने वाली इन परीक्षाओं के लिए जिले में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कर लिया गया है। मैट्रिक की परीक्षा जिले के 48 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा 50 केंद्रों पर होगी। प्रशासन ने परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और सख्त व्यवस्था करने का दावा किया है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में 39696 छात्र होंगे शामिल मैट्रिक परीक्षा में कुल 47,026 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें पहली पाली में 23,509 और द्वितीय पाली में 23,517 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 39,696 परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। इंटर परीक्षा में संकायवार आंकड़ों की बात करें तो कामर्स में 400, आर्ट्स में 18,870 और साइंस में 20,426 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है।जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध रहे। परीक्षा तिथियों की घोषणा के साथ ही केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति, वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति तथा अन्य परीक्षा कर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। 2 फरवरी से इंटर-17 से मैट्रिक की परीक्षा होगी शुरू इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से प्रारंभ होगी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू की जाएगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है। परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी, ताकि अनावश्यक भीड़ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर पाबंदी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में फोटोस्टेट दुकानों के संचालन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। वीक्षकों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नकल या कदाचार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित परीक्षार्थी के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीएसईबी की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने और उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित संधारण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। प्रश्नपत्रों के वितरण और उत्तरपुस्तिकाओं के संग्रहण के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी है। कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम डीईओ सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा 2026 के सफल, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त आयोजन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएंगी। परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भी परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सजगता देखी जा रही है। शिक्षा विभाग ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और केवल आवश्यक सामग्री ही अपने साथ लाएं।


