चेन्नई में बिहार के पति-पत्नी और बेटे की हत्या:कई टुकड़ों में बोरे में बंद मिली पिता-बेटे की लाश; महिला के शव की अब भी तलाश

चेन्नई में बिहार के पति-पत्नी और बेटे की हत्या:कई टुकड़ों में बोरे में बंद मिली पिता-बेटे की लाश; महिला के शव की अब भी तलाश

चेन्नई में बिहार के शेखपुरा के एक परिवार की हत्या कर दी गई। इनमें पति-पत्नी और डेढ़ साल का बेटा शामिल है। पिता और बेटे का शव मिल गया है, जबकि महिला के शव की तलाश की जा रही है। मृतकों की पहचान शेखपुरा टाउन थाना क्षेत्र के पथलाफार‎गांव के ‎गौरव यादव (28), पत्नी मोनी कुमारी‎ और डेढ़ साल के बेटे गुडडु उर्फ वीरमणि के रूप में हुई है। बुधवार की शाम गौरव यादव का शव फ्लाइट से‎ गांव लाया गया। जिसके बाद गांव में‎ कोहराम मच गया।‎ गौरव का शव चेन्नई के अडयार थाना‎क्षेत्र के इंदिरा नगर में कई टुकड़ों में बोरे में बंद कचरे के पास से मिला, जबकि मासूम बच्चे का‎ शव बुधवार को पुलिस ने मध्य कैलाश‎ के पास कूउम नदी से बरामद कर लिया ‎है। जबकि पत्नी मोनी कुमारी के शव‎ की तलाश पेरूंगुडी डंपिंग यार्ड के ‎कचरे के ढेर में की जा रही है।‎ चेन्नई पुलिस ने महिला के मायके के रहने वाले उपेंद्र यादव समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए चेन्नई में हुई ट्रिपल मर्डर की कहानी
मकर संक्रांति के बाद चेन्नई गया था परिवार गौरव कुमार पिछले 4 सालों से चेन्नई के ऑडियार थाना क्षेत्र में एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। वो कुछ महीने पहले गांव आए थे और मकर संक्रांति के एक दिन बाद 16 जनवरी को अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने ससुराल से चेन्नई लौटे थे। परिवार को लेकर गौरव पहली बार चेन्नई गए थे। बीते तीनों दिनों से गौरव का कोई अता-पता नहीं था। परिजनों के अनुसार, 25 जनवरी को चेन्नई पुलिस ने गौरव के पिता को उनके बेटे की मौत की सूचना दी थी। पिता को सूचना मिलने पर उन्होंने चेन्नई में रह रहे अपने बड़े बेटे को जानकारी दी, जिसने मौके पर पहुंचकर गौरव कुमार की हत्या की पुष्टि की। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र यादव ने बताया, 2-3 दिन से मेरे भाई-भाभी और भतीजा गायब थे। इसके बाद वहां से पुलिस ने मेरे पिता को फोन किया वो तमिल में बोल रहे थे तो पापा समझ नहीं पाए। इसके बाद पापा ने बड़े भईया को पुलिस से बात करने बोला, वो भी 6 साल से चेन्नई में रह रहे है।

गौरव का शव कचरे के ढेर से मिला‎

मृतक के पिता सुरेन्द्र यादव ने बताया, मकर संक्रांति के दूसरे दिन 16‎ जनवरी को मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेकर अडयार चला गया था। चेन्नई ‎पुलिस की सूचना पर मुझे बेटा-बहू और पौत्र के मारे जाने की सूचना मिली है। ‎ पिता और पुत्र की लाश एक कचरे के ढेर पर एक बोरे में बंद मिली है, जिसमें बेरहमी ‎से मारकर कई टुकड़ों में करके हत्यारों ने फेंक दिया था। जबकि बहू के शव की तलाश की जा रही है।‎ कि पकड़ा गया आरोपी उपेन्द्र यादव ही मेरे बेटे ‎को काम कराने के लिए चेन्नई के अडयार ले गया था। गौरव वहां एक कंपनी में चार ‎साल से सिक्यूरिटी गार्ड के रुप में काम करता था। आरोपी की निशानदेही पर मिला पिता-बेटे का शव पुलिस अभी तक गौरव कुमार और उनके बेटे की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। मामले में न तो किसी पुरानी दुश्मनी की पुष्टि हुई है और न ही किसी विवाद की ठोस जानकारी सामने आई है। चेन्नई पुलिस ने उपेंद्र यादव ‎सहित 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ‎सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने गौरव की पत्नी और‎ बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ‎ली है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर,‎ पुलिस ने पिता और बेटे का शव बरामद किया। पुलिस हत्या का मकसद,‎ घटनाक्रम और हर व्यक्ति की भूमिका का पता‎ लगाने के लिए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।‎ पत्नी के मायके का परिचित है आरोपी‎
‎गौरव कुमार का ससुराल नालंदा जिला के‎ मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सूखाननपुर है। जहां से ‎कुछ ही दूरी पर मुख्य आरोपी उपेंद्र यादव का गांव ‎बहुआरा है। पड़ोसी गांव होने के नाते उपेंद्र यादव ‎और मृतक की पत्नी मोनी कुमारी में जान पहचान ‎थी। उपेंद्र यादव का मोनी कुमारी के मायके में आना-जाना‎ लगा रहता था। ग्रामीणों‎ के मुताबिक गौरव कुमार अपने गांव कम ही आता‎ था और पत्नी मोनी कुमारी मायके में रहती थी। वहीं ‎से उपेंद्र यादव ने मोनी कुमारी को चेन्नई बुलाया था‎, तो वह पहली बार अपने पति के साथ 12 दिन पहले ‎चेन्नई के लिए निकली थी।‎ बच्चा रहता था बीमार मृतक की सास ने बताया, जब बेटी ने बेटे को जन्म दिया तब से वह बीमार रहा करता था। इसलिए मोनी अक्सर इलाज के लिए उपेंद्र यादव के गांव में उसके भाई राम लगन के पास जाती थी, वो ग्रामीण चिकित्सक है। इस तरह वे लोग मोनी के संपर्क में आए थे और उपेंद्र यादव भी चेन्नई में रहकर मजदूरी किया करता था।
सीसीटीवी फुटेज में दो लोग बोरी फेंकते दिखे
चेन्नई में गौरव कुमार का शव तब मिला जब स्थानिय लोगों ने एक अपार्टमेंट परिसर के पास खून से सना हुआ बोरा लावारिस हालत में देखा और पुलिस को सूचित किया। इलाके से मिले सीसीटीवी फुटेज में दो लोगों को बाइक पर बोरी ले जाते और उसे उस जगह पर फेंकते हुए देखा गया।

———– इसे भी पढ़िए… कारोबारी-ब्लॉगर सूरज बिहारी की लग्जरी लाइफ:2.5Cr की डिफेंडर कार, 22 लाख की पिस्टल रखते थे; 15 करोड़ टर्नओवर, इंस्टा पर पोस्ट के लिए मर्डर पूर्णिया में इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर हुए विवाद में जाने-माने कारोबारी और फेमस ब्लॉगर सूरज बिहारी की मंगलवार को गोली मारकर हत्या दी गई। बदमाशों ने उन्हें पीछे से 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 28 साल के सूरज वीडियोग्राफी और ब्लॉगिंग के शौकीन थे। पूरी खबर पढ़ें। चेन्नई में बिहार के शेखपुरा के एक परिवार की हत्या कर दी गई। इनमें पति-पत्नी और डेढ़ साल का बेटा शामिल है। पिता और बेटे का शव मिल गया है, जबकि महिला के शव की तलाश की जा रही है। मृतकों की पहचान शेखपुरा टाउन थाना क्षेत्र के पथलाफार‎गांव के ‎गौरव यादव (28), पत्नी मोनी कुमारी‎ और डेढ़ साल के बेटे गुडडु उर्फ वीरमणि के रूप में हुई है। बुधवार की शाम गौरव यादव का शव फ्लाइट से‎ गांव लाया गया। जिसके बाद गांव में‎ कोहराम मच गया।‎ गौरव का शव चेन्नई के अडयार थाना‎क्षेत्र के इंदिरा नगर में कई टुकड़ों में बोरे में बंद कचरे के पास से मिला, जबकि मासूम बच्चे का‎ शव बुधवार को पुलिस ने मध्य कैलाश‎ के पास कूउम नदी से बरामद कर लिया ‎है। जबकि पत्नी मोनी कुमारी के शव‎ की तलाश पेरूंगुडी डंपिंग यार्ड के ‎कचरे के ढेर में की जा रही है।‎ चेन्नई पुलिस ने महिला के मायके के रहने वाले उपेंद्र यादव समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए चेन्नई में हुई ट्रिपल मर्डर की कहानी
मकर संक्रांति के बाद चेन्नई गया था परिवार गौरव कुमार पिछले 4 सालों से चेन्नई के ऑडियार थाना क्षेत्र में एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। वो कुछ महीने पहले गांव आए थे और मकर संक्रांति के एक दिन बाद 16 जनवरी को अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने ससुराल से चेन्नई लौटे थे। परिवार को लेकर गौरव पहली बार चेन्नई गए थे। बीते तीनों दिनों से गौरव का कोई अता-पता नहीं था। परिजनों के अनुसार, 25 जनवरी को चेन्नई पुलिस ने गौरव के पिता को उनके बेटे की मौत की सूचना दी थी। पिता को सूचना मिलने पर उन्होंने चेन्नई में रह रहे अपने बड़े बेटे को जानकारी दी, जिसने मौके पर पहुंचकर गौरव कुमार की हत्या की पुष्टि की। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र यादव ने बताया, 2-3 दिन से मेरे भाई-भाभी और भतीजा गायब थे। इसके बाद वहां से पुलिस ने मेरे पिता को फोन किया वो तमिल में बोल रहे थे तो पापा समझ नहीं पाए। इसके बाद पापा ने बड़े भईया को पुलिस से बात करने बोला, वो भी 6 साल से चेन्नई में रह रहे है।

गौरव का शव कचरे के ढेर से मिला‎

मृतक के पिता सुरेन्द्र यादव ने बताया, मकर संक्रांति के दूसरे दिन 16‎ जनवरी को मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेकर अडयार चला गया था। चेन्नई ‎पुलिस की सूचना पर मुझे बेटा-बहू और पौत्र के मारे जाने की सूचना मिली है। ‎ पिता और पुत्र की लाश एक कचरे के ढेर पर एक बोरे में बंद मिली है, जिसमें बेरहमी ‎से मारकर कई टुकड़ों में करके हत्यारों ने फेंक दिया था। जबकि बहू के शव की तलाश की जा रही है।‎ कि पकड़ा गया आरोपी उपेन्द्र यादव ही मेरे बेटे ‎को काम कराने के लिए चेन्नई के अडयार ले गया था। गौरव वहां एक कंपनी में चार ‎साल से सिक्यूरिटी गार्ड के रुप में काम करता था। आरोपी की निशानदेही पर मिला पिता-बेटे का शव पुलिस अभी तक गौरव कुमार और उनके बेटे की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। मामले में न तो किसी पुरानी दुश्मनी की पुष्टि हुई है और न ही किसी विवाद की ठोस जानकारी सामने आई है। चेन्नई पुलिस ने उपेंद्र यादव ‎सहित 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ‎सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने गौरव की पत्नी और‎ बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ‎ली है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर,‎ पुलिस ने पिता और बेटे का शव बरामद किया। पुलिस हत्या का मकसद,‎ घटनाक्रम और हर व्यक्ति की भूमिका का पता‎ लगाने के लिए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।‎ पत्नी के मायके का परिचित है आरोपी‎
‎गौरव कुमार का ससुराल नालंदा जिला के‎ मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सूखाननपुर है। जहां से ‎कुछ ही दूरी पर मुख्य आरोपी उपेंद्र यादव का गांव ‎बहुआरा है। पड़ोसी गांव होने के नाते उपेंद्र यादव ‎और मृतक की पत्नी मोनी कुमारी में जान पहचान ‎थी। उपेंद्र यादव का मोनी कुमारी के मायके में आना-जाना‎ लगा रहता था। ग्रामीणों‎ के मुताबिक गौरव कुमार अपने गांव कम ही आता‎ था और पत्नी मोनी कुमारी मायके में रहती थी। वहीं ‎से उपेंद्र यादव ने मोनी कुमारी को चेन्नई बुलाया था‎, तो वह पहली बार अपने पति के साथ 12 दिन पहले ‎चेन्नई के लिए निकली थी।‎ बच्चा रहता था बीमार मृतक की सास ने बताया, जब बेटी ने बेटे को जन्म दिया तब से वह बीमार रहा करता था। इसलिए मोनी अक्सर इलाज के लिए उपेंद्र यादव के गांव में उसके भाई राम लगन के पास जाती थी, वो ग्रामीण चिकित्सक है। इस तरह वे लोग मोनी के संपर्क में आए थे और उपेंद्र यादव भी चेन्नई में रहकर मजदूरी किया करता था।
सीसीटीवी फुटेज में दो लोग बोरी फेंकते दिखे
चेन्नई में गौरव कुमार का शव तब मिला जब स्थानिय लोगों ने एक अपार्टमेंट परिसर के पास खून से सना हुआ बोरा लावारिस हालत में देखा और पुलिस को सूचित किया। इलाके से मिले सीसीटीवी फुटेज में दो लोगों को बाइक पर बोरी ले जाते और उसे उस जगह पर फेंकते हुए देखा गया।

———– इसे भी पढ़िए… कारोबारी-ब्लॉगर सूरज बिहारी की लग्जरी लाइफ:2.5Cr की डिफेंडर कार, 22 लाख की पिस्टल रखते थे; 15 करोड़ टर्नओवर, इंस्टा पर पोस्ट के लिए मर्डर पूर्णिया में इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर हुए विवाद में जाने-माने कारोबारी और फेमस ब्लॉगर सूरज बिहारी की मंगलवार को गोली मारकर हत्या दी गई। बदमाशों ने उन्हें पीछे से 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 28 साल के सूरज वीडियोग्राफी और ब्लॉगिंग के शौकीन थे। पूरी खबर पढ़ें।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *