एकलव्य सेंटर के ग्राउंड से लेकर खेल गतिविधियों तक की निगरानी होगी

एकलव्य सेंटर के ग्राउंड से लेकर खेल गतिविधियों तक की निगरानी होगी

दिसंबर से जनवरी तक अपग्रेड कर खोले गए एकलव्य खेल सेंटर के ग्राउंड से लेकर खेल गतिविधियों तक की निगरानी की तैयारी है। पहले 23 एकलव्य सेंटर थे, जिन्हें पिछले साल जनवरी में बंद कर अपग्रेड करने के साथ खोला जा रहा है। पहले चरण में 15 सेंटर खुले थे। फिर जनवरी में 17 मिलाकर अब तक 32 सेंटर खुल गए हैं। कुल 68 सेंटर खोलने की योजना है। खेल विभाग ने इन सेंटरों की हर हफ्ते जांच करेगा। इसके लिए जिला खेल पदाधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर दी गई है। खेल पदाधिकारी पंचायतों व प्रखंडों में बनाए गए आउटडोर स्टेडियम व खेल मैदानों में खेल आयोजनों पर भी नजर रखेंगे। इसके लिए खेल मैदानों की जिलावार सूची जिला खेल पदाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी। खेल संघों से समन्वय बनाकर कार्य करेंगे जिला खेल पदाधिकारी खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। स्थानीय खेल संघों को नाम मात्र के न्यूनतम शुल्क पर अभ्यास एवं प्रशिक्षण के लिए जिला स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यही व्यवस्था खेल भवनों में संचालित व्यायामशालाओं पर भी लागू होगी। एकलव्य खेल सेंटर राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए शुरू किए गए हैं, जहां ग्रामीण-शहरी युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और पोषण के साथ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनाने का लक्ष्य है। सेंटरों में खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य और भोजन के साथ प्रशिक्षित किया जाता है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और चयन ट्रायल के माध्यम से होता है। दिसंबर से जनवरी तक अपग्रेड कर खोले गए एकलव्य खेल सेंटर के ग्राउंड से लेकर खेल गतिविधियों तक की निगरानी की तैयारी है। पहले 23 एकलव्य सेंटर थे, जिन्हें पिछले साल जनवरी में बंद कर अपग्रेड करने के साथ खोला जा रहा है। पहले चरण में 15 सेंटर खुले थे। फिर जनवरी में 17 मिलाकर अब तक 32 सेंटर खुल गए हैं। कुल 68 सेंटर खोलने की योजना है। खेल विभाग ने इन सेंटरों की हर हफ्ते जांच करेगा। इसके लिए जिला खेल पदाधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर दी गई है। खेल पदाधिकारी पंचायतों व प्रखंडों में बनाए गए आउटडोर स्टेडियम व खेल मैदानों में खेल आयोजनों पर भी नजर रखेंगे। इसके लिए खेल मैदानों की जिलावार सूची जिला खेल पदाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी। खेल संघों से समन्वय बनाकर कार्य करेंगे जिला खेल पदाधिकारी खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। स्थानीय खेल संघों को नाम मात्र के न्यूनतम शुल्क पर अभ्यास एवं प्रशिक्षण के लिए जिला स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यही व्यवस्था खेल भवनों में संचालित व्यायामशालाओं पर भी लागू होगी। एकलव्य खेल सेंटर राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए शुरू किए गए हैं, जहां ग्रामीण-शहरी युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और पोषण के साथ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनाने का लक्ष्य है। सेंटरों में खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य और भोजन के साथ प्रशिक्षित किया जाता है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और चयन ट्रायल के माध्यम से होता है।  

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