‘मेरी बेटी का चेहरा बिगाड़ दिया, वो जीते-जी मर गई’:मां बोली- शादी कैसे होगी, जिंदगी-मौत से लड़ रही; छात्रा पर ममेरे भाई ने फेंका एसिड

‘मेरी बेटी का चेहरा बिगाड़ दिया, वो जीते-जी मर गई’:मां बोली- शादी कैसे होगी, जिंदगी-मौत से लड़ रही; छात्रा पर ममेरे भाई ने फेंका एसिड

“आरोपी को फांसी मिलनी चाहिए। उसने मेरी बच्ची का पूरा चेहरा बिगाड़ दिया। अब उससे कौन शादी करेगा? वो जीते-जी मर गई है… सिर्फ 20 साल की उम्र में उसकी पूरी जिंदगी खत्म हो गई।” यह कहते-कहते एसिड अटैक पीड़िता की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। दरअसल, मोतिहारी में रविवार रात घर में सो रही एक ग्रेजुएशन की छात्रा पर उसके मामा के बेटे ने एसिड फेंक दिया। हमले में छात्रा का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया है। घायल छात्रा का इलाज मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद भास्कर की टीम पीड़िता के गांव पहुंची और वहां पीड़िता और उसकी मां से बातचीत की। भास्कर से बातचीत में कांपती आवाज में मां बस एक ही गुहार लगाती रही- “किसी तरह मेरी बेटी को बचा लीजिए।” पीड़िता की मां का आरोप है कि ममेरा भाई उनकी बेटी पर शादी का दबाव बना रहा था। जब बेटी ने इससे इनकार किया तो आरोपी ने उस पर एसिड फेंककर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। वहीं, पीड़िता के बयान पर पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी की पहचान पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र निवासी प्रियांशु कुमार (22) के रूप में हुई है। घटना पताही थाना क्षेत्र की है। अब पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले घटना के बाद की कुछ तस्वीरें देखिए… ‘मेरे चेहरे पर किसी ने एसिड फेंका’ सबसे पहले हमारी टीम की मुलाकात पीड़िता से हुई। उसकी हालत गंभीर है, लेकिन इसी स्थिति में उसने भास्कर से बातचीत की। भास्कर से बातचीत में पीड़िता ने बताया, ‘सोमवार की रात मैं खाना खाने के बाद मां के साथ कमरे में सो रही थी। रात करीब 11 बजे अचानक कमरे का दरवाजा खुला। मैं आधी नींद में थी और अंधेरा होने की वजह से मुझे लगा कि पापा या भाई आए होंगे। इसी दौरान अचानक किसी ने मेरे चेहरे पर लिक्विड फेंक दिया।’ पीड़िता ने बताया, ‘तेज जलन होते ही मैं जोर से चिल्लाने लगी। चीख सुनकर मां की नींद खुल गई। वहीं, दूसरे कमरे से पापा और भाई दौड़ते हुए आए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। तभी पता चला कि मेरे चेहरे पर एसिड फेंका गया है। इसके बाद मुझे तुरंत अस्पताल लाया गया।’ इतना कहते-कहते छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद हमारी टीम ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया और कमरे से बाहर आ गई। 2025 में पहली बार प्रियांशु से मिली थी पीड़िता अस्पताल के कमरे के बाहर हमारी मुलाकात पीड़िता की मां से हुई। वह एक कोने में बैठी लगातार रो रही थीं। मां की बस एक ही मांग थी- “मेरी बच्ची के साथ जिसने भी यह किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” मां ने बताया, ‘मेरी बेटी BA की पढ़ाई कर रही है। वो पढ़ाई में काफी अच्छी है। इसकी वजह से गांव के बच्चे अक्सर पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछने उसके पास आते रहते थे। 2025 में मेरे देवर के मामा का बेटा प्रियांशु गांव आया था। इस दौरान उसने बेटी से पढ़ाई को लेकर बातचीत शुरू की। भाई-बहन जैसा रिश्ता होने के कारण परिवार को लगा कि दोनों साथ बैठकर पढ़ाई करते है। जुलाई 2025 से वो लगातार मेरे घर आने लगा और बेटी के साथ पढ़ाई करने लगा। इसी दौरान उसने बेटी का मोबाइल नंबर भी लिया। कई बार वह फोन कर पढ़ाई के बहाने बातचीत करता था।’ 2025 में बेटी को दी थी धमकी मां ने आगे बताया, ‘3 महीने बाद अक्टूबर 2025 से प्रियांशु हमारे घर कम आने लगा। मैंने बेटी से पूछा आजकल प्रियांशु घर नहीं आ रहा है। इसपर बेटी ने कहा- ‘मां वो गलत लड़का है। वो मुझे शादी के लिए फोर्स कर रहा था। इसकी वजह से मैंने उससे बात करना बंद कर दिया है। एक महीने शांत रहने के बाद नवंबर 2025 से प्रियांशु ने फिर से बेटी को फोन करना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर दिसंबर में बेटी ने प्रियांशु का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया। 10 दिसंबर को एक बार फिर प्रियांशु मेरे घर पर आया, उस वक्त मैं घर से बाहर गई हुई थी। मां के मुताबिक, ‘यह सुनते ही बेटी ने प्रियांशु को घर से बाहर निकाल दिया। करीब एक महीने बाद आरोपी ने गुस्से में आकर इस वारदात को अंजाम दिया। हमलोग गरीब परिवार से आते हैं। हम कहां से बेटी का इलाज करवा पाएंगे। मुझे प्रशासन के मदद की जरूरत है। ऐसिड अटैक के बाद मेरी बेटी से कौन शादी करेगा? उसकी पूरी जिंदगी बरबाद हो गई है।’ स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपी को जल्द दिलाई जाएगी सजा SP स्वर्ण प्रभात ने बताया, ‘घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल केस दर्ज किया। इसके बाद कुछ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मिले और दूसरी टीम पीड़िता के घर पहुंची। घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया। मौके से सैंपल जुटाए गए। फिर आरोपी प्रियांशु को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। आरोपी के कॉल डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं। सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। पुलिस एक महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करेगी।’ “आरोपी को फांसी मिलनी चाहिए। उसने मेरी बच्ची का पूरा चेहरा बिगाड़ दिया। अब उससे कौन शादी करेगा? वो जीते-जी मर गई है… सिर्फ 20 साल की उम्र में उसकी पूरी जिंदगी खत्म हो गई।” यह कहते-कहते एसिड अटैक पीड़िता की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। दरअसल, मोतिहारी में रविवार रात घर में सो रही एक ग्रेजुएशन की छात्रा पर उसके मामा के बेटे ने एसिड फेंक दिया। हमले में छात्रा का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया है। घायल छात्रा का इलाज मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद भास्कर की टीम पीड़िता के गांव पहुंची और वहां पीड़िता और उसकी मां से बातचीत की। भास्कर से बातचीत में कांपती आवाज में मां बस एक ही गुहार लगाती रही- “किसी तरह मेरी बेटी को बचा लीजिए।” पीड़िता की मां का आरोप है कि ममेरा भाई उनकी बेटी पर शादी का दबाव बना रहा था। जब बेटी ने इससे इनकार किया तो आरोपी ने उस पर एसिड फेंककर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। वहीं, पीड़िता के बयान पर पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी की पहचान पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र निवासी प्रियांशु कुमार (22) के रूप में हुई है। घटना पताही थाना क्षेत्र की है। अब पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले घटना के बाद की कुछ तस्वीरें देखिए… ‘मेरे चेहरे पर किसी ने एसिड फेंका’ सबसे पहले हमारी टीम की मुलाकात पीड़िता से हुई। उसकी हालत गंभीर है, लेकिन इसी स्थिति में उसने भास्कर से बातचीत की। भास्कर से बातचीत में पीड़िता ने बताया, ‘सोमवार की रात मैं खाना खाने के बाद मां के साथ कमरे में सो रही थी। रात करीब 11 बजे अचानक कमरे का दरवाजा खुला। मैं आधी नींद में थी और अंधेरा होने की वजह से मुझे लगा कि पापा या भाई आए होंगे। इसी दौरान अचानक किसी ने मेरे चेहरे पर लिक्विड फेंक दिया।’ पीड़िता ने बताया, ‘तेज जलन होते ही मैं जोर से चिल्लाने लगी। चीख सुनकर मां की नींद खुल गई। वहीं, दूसरे कमरे से पापा और भाई दौड़ते हुए आए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। तभी पता चला कि मेरे चेहरे पर एसिड फेंका गया है। इसके बाद मुझे तुरंत अस्पताल लाया गया।’ इतना कहते-कहते छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद हमारी टीम ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया और कमरे से बाहर आ गई। 2025 में पहली बार प्रियांशु से मिली थी पीड़िता अस्पताल के कमरे के बाहर हमारी मुलाकात पीड़िता की मां से हुई। वह एक कोने में बैठी लगातार रो रही थीं। मां की बस एक ही मांग थी- “मेरी बच्ची के साथ जिसने भी यह किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” मां ने बताया, ‘मेरी बेटी BA की पढ़ाई कर रही है। वो पढ़ाई में काफी अच्छी है। इसकी वजह से गांव के बच्चे अक्सर पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछने उसके पास आते रहते थे। 2025 में मेरे देवर के मामा का बेटा प्रियांशु गांव आया था। इस दौरान उसने बेटी से पढ़ाई को लेकर बातचीत शुरू की। भाई-बहन जैसा रिश्ता होने के कारण परिवार को लगा कि दोनों साथ बैठकर पढ़ाई करते है। जुलाई 2025 से वो लगातार मेरे घर आने लगा और बेटी के साथ पढ़ाई करने लगा। इसी दौरान उसने बेटी का मोबाइल नंबर भी लिया। कई बार वह फोन कर पढ़ाई के बहाने बातचीत करता था।’ 2025 में बेटी को दी थी धमकी मां ने आगे बताया, ‘3 महीने बाद अक्टूबर 2025 से प्रियांशु हमारे घर कम आने लगा। मैंने बेटी से पूछा आजकल प्रियांशु घर नहीं आ रहा है। इसपर बेटी ने कहा- ‘मां वो गलत लड़का है। वो मुझे शादी के लिए फोर्स कर रहा था। इसकी वजह से मैंने उससे बात करना बंद कर दिया है। एक महीने शांत रहने के बाद नवंबर 2025 से प्रियांशु ने फिर से बेटी को फोन करना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर दिसंबर में बेटी ने प्रियांशु का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया। 10 दिसंबर को एक बार फिर प्रियांशु मेरे घर पर आया, उस वक्त मैं घर से बाहर गई हुई थी। मां के मुताबिक, ‘यह सुनते ही बेटी ने प्रियांशु को घर से बाहर निकाल दिया। करीब एक महीने बाद आरोपी ने गुस्से में आकर इस वारदात को अंजाम दिया। हमलोग गरीब परिवार से आते हैं। हम कहां से बेटी का इलाज करवा पाएंगे। मुझे प्रशासन के मदद की जरूरत है। ऐसिड अटैक के बाद मेरी बेटी से कौन शादी करेगा? उसकी पूरी जिंदगी बरबाद हो गई है।’ स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपी को जल्द दिलाई जाएगी सजा SP स्वर्ण प्रभात ने बताया, ‘घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल केस दर्ज किया। इसके बाद कुछ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मिले और दूसरी टीम पीड़िता के घर पहुंची। घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया। मौके से सैंपल जुटाए गए। फिर आरोपी प्रियांशु को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। आरोपी के कॉल डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं। सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। पुलिस एक महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करेगी।’  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *