खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ इंदौर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने बुधवार को 13 मिलावटखोरों पर 21 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी नवजीवन विजय पवार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, सौंफ, पनीर, घी, पेड़ा मिठाई, हींग चना और मिल्क पाउडर सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में नमूनों को अमानक, मिलावटी, मिथ्या छाप सामग्री युक्त और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार पाया गया। इन 13 प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्माना
प्रशासन द्वारा जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनमें रिया स्वीट्स एंड लघु उद्योग पर 3 लाख रुपये, मोहनलाल प्रह्लाद दास एंड संस और गुडलक ट्रेड लिंक पर 1-1.50 लाख रुपए, सनी इंटरप्राइजेस और अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स पर 2-2.50 लाख रुपए सहित कुल 13 प्रतिष्ठान शामिल हैं। सभी पर मिलाकर 21 लाख रुपए से अधिक का अर्थदंड लगाया गया है। कलेक्टर बोले- जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर में फूड लैब खुलने के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। यहां प्रारंभिक रिपोर्ट जल्दी मिल जाती है इस वजह से कार्रवाई भी उसी स्पीड से कर रहे हैं। बीते दिनों नकली घी के मामले में एक माह से भी कम समय में रिपोर्ट आने पर घी फैक्ट्री संचालक पर केस दर्ज किया गया है। इंदौर में 10 से ज्यादा कार्रवाई कर पकड़े मिलावटखोर पालदा स्थित फर्म श्रीराम मिल्क फ़ूड एंड डेरी इंडस्ट्रीज में पैक हो रहे अलग-अलग ब्रांड के घी के 10 नमूने जांच के लिए भेजे। यहां से 3400 लीटर घी जब्त किया। अनियमितताएं पाए जाने पर घी की बिक्री पर रोक लगा दी।


