मुंगेर में श्रम विभाग की एक संयुक्त टीम ने बुधवार को दशरथपुर बाजार में छापेमारी कर दो दुकानों से दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। विभाग को सूचना मिली थी कि बाजार क्षेत्र की कुछ दुकानों में बच्चों से श्रम कराया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर असरगंज, जमालपुर, बरियारपुर और धरहरा प्रखंडों की टीमों ने संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान एक वेल्डिंग दुकान में और मां तारा स्वीट्स में नाबालिघ को काम करते हुए पाया गया। ये बच्चे सफाई, सामान ढोने और अन्य सामान्य श्रम कार्य में लगे हुए थे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दोनों बच्चों को तत्काल मुक्त कराया। उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेज दिया गया है। इस अभियान में असरगंज के बाल श्रम प्राधिकारी कुमार अमन, जमालपुर के विक्रम कुमार, बरियारपुर के दिलीप झा तथा स्थानीय पुलिस बल शामिल थे। टीम ने दुकानदारों से पूछताछ की और संबंधित कागजातों की जांच भी की। धरहरा के बाल श्रम प्राधिकारी कुमार हिमांशु रंजन ने बताया कि दोनों दुकानों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों से काम कराना बाल व किशोर श्रम अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है। विभाग की ओर से क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मुंगेर में श्रम विभाग की एक संयुक्त टीम ने बुधवार को दशरथपुर बाजार में छापेमारी कर दो दुकानों से दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। विभाग को सूचना मिली थी कि बाजार क्षेत्र की कुछ दुकानों में बच्चों से श्रम कराया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर असरगंज, जमालपुर, बरियारपुर और धरहरा प्रखंडों की टीमों ने संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान एक वेल्डिंग दुकान में और मां तारा स्वीट्स में नाबालिघ को काम करते हुए पाया गया। ये बच्चे सफाई, सामान ढोने और अन्य सामान्य श्रम कार्य में लगे हुए थे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दोनों बच्चों को तत्काल मुक्त कराया। उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेज दिया गया है। इस अभियान में असरगंज के बाल श्रम प्राधिकारी कुमार अमन, जमालपुर के विक्रम कुमार, बरियारपुर के दिलीप झा तथा स्थानीय पुलिस बल शामिल थे। टीम ने दुकानदारों से पूछताछ की और संबंधित कागजातों की जांच भी की। धरहरा के बाल श्रम प्राधिकारी कुमार हिमांशु रंजन ने बताया कि दोनों दुकानों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों से काम कराना बाल व किशोर श्रम अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है। विभाग की ओर से क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


