मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साइबर अटैक से निबटने के लिए किए गए प्रयास को लेकर कहा है कि राज्य डेटा सेंटर को हैक करने के एक संगठित प्रयास की पहचान कर रिवर्स इंजीनियरिंग के माध्यम से उसके स्रोत का पता लगाने का काम जिस तरह से किया गया, वह अच्छा प्रयास है और आगे और भी सतर्क रहने की जरूरत है। सीएस को बताया गया कि भारत सरकार को पूरे देश में इसी प्रकार के हैकिंग प्रयासों की पहचान करने में सहयोग दिया तथा उनकी रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी करने में भी भूमिका निभाई गई। सीएस ने कहा कि सभी जिलों में जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्टेट डाटा सेंटर की वर्किंग का इंस्पेक्शन करते हुए कहा कि पीएम गति शक्ति से समन्वय कर डेटा एक्सचेंज करें। राज्य शासन के सभी विभाग इस ऐप का राज्य की जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्य सचिव जैन ने डेटा सेंटर के सेंटर के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रम और एमपी एसईडीसी के एमडी आशीष वशिष्ठ और प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्वान अंशुमान राज की मौजूदगी में मुख्य सचिव जैन ने डेटा सेंटर की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाए
उन्होंने ड्रोन डेटा डिपॉजिटरी का अवलोकन किया और खनिज, जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क, सेंट्रल विस्टा जैसे प्रोजेक्ट के लिए किए जा रहे ऑनलाइन कार्य को भी देखा। उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्वालियर के पटवारी से भी आधुनिक तकनीक से नक्शा आदि बनाने की जानकारी ली।
मुख्य सचिव जैन ने इस परियोजना को आमजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस लैब से नक्शा विहीन और विस्थापित ग्रामों के नक्शा आदि को तैयार करने के उनके विजन को गुणवत्ता से पूर्ण होते देखना सराहनीय है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाए और अभी जिन 28 जिलों में यह सुविधा है, वहां के कार्यों की जानकारी ली जाए। साइबर अटैक से निपटने के प्रयासों की जानकारी ली
मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय वेबसाइट और डेटा की सुरक्षा के लिए किए जा रहे टूल आधारित कार्य का अवलोकन किया। मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय वेबसाइट और डेटा की सुरक्षा के लिए किए जा रहे टूल आधारित कार्य को देखा। उन्होंने साइबर अटैक से निबटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने MPSEDC एवं MP SIRT की टीम की सराहना की है, जिन्होंने राज्य डाटा सेंटर को हैक करने के एक संगठित प्रयास की पहचान कर रिवर्स इंजीनियरिंग के माध्यम से उसके स्रोत का पता लगाया तथा चिन्हित की गई इंट्रूज़न्स को सैनिटाइज करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त टीम द्वारा भारत सरकार को पूरे देश में इसी प्रकार के हैकिंग प्रयासों की पहचान करने में सहयोग दिया तथा उनकी रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी करने में भी भूमिका निभाई गई। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप यह सुविधा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुकी है। एआई बेस्ड सर्वर और जीपीयू स्थापित होगा
मुख्य सचिव जैन को बताया गया कि डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए एआई आधारित सर्वर और जीपीयू स्थापित किए जाने की योजना है। मुख्य सचिव जैन ने डेटा सेंटर संचालन की क्षमता 6 से 10 मेगावाट किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने एमपीई सेवा एप्लिकेशन सहित अन्य ऐप की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि तय अवधि में सभी एप्लिकेशन तैयार करें, जिससे आमजन के लिए उपयोग में लाए जा सके।


