बेतिया में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने की। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और नगर निकायों से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। सत्यापन के बाद कुल 143 आवेदनों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। समीक्षा के उपरांत, 139 आवेदनों को योजना के अगले चरण (स्टेज-03) के लिए अग्रसारित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को शीघ्र योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। नगर निकायों में कुल 309 आवेदन लंबित बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में स्टेज-02 पर विभिन्न प्रखंडों और नगर निकायों में कुल 309 आवेदन लंबित हैं। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योग्य कारीगरों को समय पर सहायता मिल सके। पारदर्शिता और गति बनाए रखने का निर्देश दिया डीएम तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी। सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर बैठक में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, विशेष कार्य पदाधिकारी सुजीत कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र रोहित राज और अग्रणी जिला प्रबंधक सतीश कुमार सहित उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बेतिया में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने की। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और नगर निकायों से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। सत्यापन के बाद कुल 143 आवेदनों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। समीक्षा के उपरांत, 139 आवेदनों को योजना के अगले चरण (स्टेज-03) के लिए अग्रसारित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को शीघ्र योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। नगर निकायों में कुल 309 आवेदन लंबित बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में स्टेज-02 पर विभिन्न प्रखंडों और नगर निकायों में कुल 309 आवेदन लंबित हैं। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योग्य कारीगरों को समय पर सहायता मिल सके। पारदर्शिता और गति बनाए रखने का निर्देश दिया डीएम तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी। सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर बैठक में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, विशेष कार्य पदाधिकारी सुजीत कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र रोहित राज और अग्रणी जिला प्रबंधक सतीश कुमार सहित उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।


