मोतिहारी अस्पताल में तेजाब पीड़िता से मिलने पहुंचे ACGM:6 लाख मुआवजे की प्रक्रिया शुरू, 15 दिन में मिलेगी पहली किस्त

मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज तेजाब कांड के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पीड़िता के इलाज, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण नितिन त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे और इलाजरत तेज़ाबी पीड़िता से मुलाकात की। पीड़िता का हाल जाना, परिजनों से ली घटना की पूरी जानकारी अस्पताल पहुंचकर एसीजेएम नितिन त्रिपाठी ने सबसे पहले पीड़िता का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उसके इलाज की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पीड़िता के परिजनों से बातचीत कर घटना से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से प्राप्त की। परिजनों ने उन्हें घटना के बाद की परिस्थितियों, इलाज में आ रही समस्याओं और मानसिक स्थिति से अवगत कराया। कानूनी व आर्थिक सहायता का भरोसा मुलाकात के दौरान एसीजेएम नितिन त्रिपाठी ने पीड़िता और उसके परिजनों को आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उन्हें हर संभव कानूनी और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि तेज़ाब कांड जैसे जघन्य अपराधों में पीड़ितों को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। 15 दिन में मिलेगी पहली किस्त एसीजेएम ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पीड़िता को मुआवज़ा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 15 दिनों के भीतर एक लाख रुपये की पहली किस्त पीड़िता को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इलाज और तत्काल जरूरतों में कोई बाधा न आए। 60 दिन में दूसरी और केस के फैसले के बाद तीसरी किस्त उन्होंने आगे जानकारी दी कि दूसरी किस्त के रूप में 60 दिनों के भीतर दो लाख रुपये की राशि दी जाएगी। वहीं, तीसरी और अंतिम किस्त केस के अंतिम निर्णय के बाद दी जाएगी, जिसमें कुल तीन लाख रुपए में से नियमानुसार कटौती कर शेष राशि पीड़िता के परिवार को प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और भविष्य को लेकर किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इलाज और पुनर्वास पर प्रशासन की नजर एसीजेएम ने कहा कि पीड़िता का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, मानसिक और सामाजिक पुनर्वास के लिए भी विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सहयोग दिया जाएगा। पुलिस जांच में जुटी, संदिग्धों से पूछताछ दूसरी ओर इस मामले में पुलिस भी पूरी गंभीरता से जांच में जुटी हुई है। पताही थानाध्यक्ष बबन कुमार ने बताया कि घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारियां जुटाई गई हैं। साथ ही, पुलिस द्वारा सभी संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है। दोषियों को किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी फिलहाल पीड़िता का इलाज अस्पताल में जारी है और उसकी स्थिति पर जिला प्रशासन एवं पुलिस दोनों की लगातार नजर बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज तेजाब कांड के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पीड़िता के इलाज, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण नितिन त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे और इलाजरत तेज़ाबी पीड़िता से मुलाकात की। पीड़िता का हाल जाना, परिजनों से ली घटना की पूरी जानकारी अस्पताल पहुंचकर एसीजेएम नितिन त्रिपाठी ने सबसे पहले पीड़िता का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उसके इलाज की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पीड़िता के परिजनों से बातचीत कर घटना से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से प्राप्त की। परिजनों ने उन्हें घटना के बाद की परिस्थितियों, इलाज में आ रही समस्याओं और मानसिक स्थिति से अवगत कराया। कानूनी व आर्थिक सहायता का भरोसा मुलाकात के दौरान एसीजेएम नितिन त्रिपाठी ने पीड़िता और उसके परिजनों को आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उन्हें हर संभव कानूनी और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि तेज़ाब कांड जैसे जघन्य अपराधों में पीड़ितों को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। 15 दिन में मिलेगी पहली किस्त एसीजेएम ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पीड़िता को मुआवज़ा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 15 दिनों के भीतर एक लाख रुपये की पहली किस्त पीड़िता को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इलाज और तत्काल जरूरतों में कोई बाधा न आए। 60 दिन में दूसरी और केस के फैसले के बाद तीसरी किस्त उन्होंने आगे जानकारी दी कि दूसरी किस्त के रूप में 60 दिनों के भीतर दो लाख रुपये की राशि दी जाएगी। वहीं, तीसरी और अंतिम किस्त केस के अंतिम निर्णय के बाद दी जाएगी, जिसमें कुल तीन लाख रुपए में से नियमानुसार कटौती कर शेष राशि पीड़िता के परिवार को प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और भविष्य को लेकर किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इलाज और पुनर्वास पर प्रशासन की नजर एसीजेएम ने कहा कि पीड़िता का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, मानसिक और सामाजिक पुनर्वास के लिए भी विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सहयोग दिया जाएगा। पुलिस जांच में जुटी, संदिग्धों से पूछताछ दूसरी ओर इस मामले में पुलिस भी पूरी गंभीरता से जांच में जुटी हुई है। पताही थानाध्यक्ष बबन कुमार ने बताया कि घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारियां जुटाई गई हैं। साथ ही, पुलिस द्वारा सभी संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है। दोषियों को किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी फिलहाल पीड़िता का इलाज अस्पताल में जारी है और उसकी स्थिति पर जिला प्रशासन एवं पुलिस दोनों की लगातार नजर बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।  

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