किदवई नगर में पत्नी की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या करने के मामले में कानपुर कोर्ट ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वर्ष 2020 में शराब के नशे में धुत होकर दोषी पति ने घटना को अंजाम दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर में 16 चोटों की पुष्टि हुई थी। दोषी पति को सजा दिलाने में घटना के प्रत्यक्षदर्शी मकान मालिक की गवाही अहम साबित हुई। यह था पूरा घटनाक्रम… चकेरी, सनिगवां रोड कांशीराम कालोनी निवासी राहुल सैनी ने बताया था कि उसकी छोटी बहन प्रियंका उर्फ रिंकू (30) की शादी 12 साल पहले हमीरपुर रोड, एन ब्लॉक छेदी लोहार का हाता निवासी अशोक विश्वकर्मा के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे सुभासी, सम्राट और सुधांशु हैं। राहुल के मुताबिक अशोक शराब लती था, आए दिन अपने दोस्तों को घर बुलाकर शराब पार्टी करता था, जिसका बहन प्रियंका विरोध करती थी। नशे में धुत होकर अशोक आए दिन बहन को प्रताड़ित करता था। 10 जुलाई 2020 की रात एक बजे अशोक ने प्रियंका को लोहे की रॉड से पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। राहुल ने किदवई नगर थाने में अशोक के खिलाफ हत्या व दहेज उत्पीड़न की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की ओर से पेश हुए थे 10 गवाह एडीजीसी शिव भगवान गोस्वामी ने बताया कि मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 16 चोटों के निशान मिले थे। अभियोजन की ओर से 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। प्रत्यक्षदर्शी गवाह मृतका के मकान मालिक कमल कुमार के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आरोपी को दोषी साबित करने में अहम साबित हुए। एडीजीसी ने बताया कि कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति को दोष मुक्त करार दिया। वहीं हत्या के मामले में दोषी साबित करते हुए उम्रकैद व 25 हजार जुर्माने के आदेश दिए।


