एक्सपो में हरियाणा से आया ‘विधायक’ नाम का भैंसा:बेगूसराय में लगी मवेशियों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी; मंत्री बोले- किसानों के जीवन में बदलाव आएगा

एक्सपो में हरियाणा से आया ‘विधायक’ नाम का भैंसा:बेगूसराय में लगी मवेशियों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी; मंत्री बोले- किसानों के जीवन में बदलाव आएगा

बेगूसराय के बीहट के पास स्थित हर्ल खाद कारखाना ग्राउंड में आज से तीन दिवसीय बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का शुभारंभ हो गया है। इसका मकसद है कि बिहार के पशुपालकों को नए नस्ल और नई तकनीक से रुबरु कराया जाए। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के पशुपालन मंत्री सुरेंद्र मेहता और विधान पार्षद सर्वेश कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के पहले ही दिन पूरे जिले के साथ-साथ राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पशुपालक और किसान पहुंचे। एक्सपो का मुख्य उद्देश्य पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। बिहार में मवेशियों की यह अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी मानी जा रही है, जहां उन्नत नस्ल के गाय और हरियाणा से आया भैंसा (विधायक) आकर्षण का केंद्र हैं। बीमारियों से बचाव की जानकारी दी कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पालन-पोषण और बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। इसमें डेयरी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां अपने आधुनिक यंत्रों और फीड प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन कर रही हैं। कृषिका की ओर से 30 जनवरी तक आयोजित एक्सपो में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, कॉम्फेड और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना सहयोग कर रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बिहार में बेगूसराय का दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है। इस कार्यक्रम का यहां आयोजन होने का एक मुख्य कारण यही है। यहां डेयरी है, जिसके माध्यम से पशुपालक किसानों को इस क्षेत्र में नई संभावनाओं की एक जीती-जागती तस्वीर दिखाई देती है। उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ आए लोग मंत्री ने कहा है कि बिहार सरकार की यह स्पष्ट सोच है कि आने वाले समय में पशुपालक किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आए और उनके घर में समृद्धि आए। आज यहां कई राज्यों के लोग अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ आए हैं। हमारे बिहार के किसान यहां आकर यह देखेंगे कि उन्नत सीमेन और पशुपालन के क्षेत्र में और क्या बेहतर किया जा सकता है। सुरेंद्र मेहता ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार भी अन्य राज्यों की तुलना में पशुपालन के क्षेत्र में बहुत आगे जाएगा। हमारे दूध और इससे बने उत्पाद दुनिया के बाजारों में बिकेंगे। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और वे सशक्त बनेंगे। इस तरह के आयोजनों से किसान उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपने प्रदर्शन को और बेहतर कर पाएंगे। वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा आयोजन विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि बेगूसराय की धरती शुरू से ही डेयरी के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखती है। यहां का डेयरी उद्योग न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इस तरह के बिहार डेयरी एण्ड कैटल एक्सपो का आयोजन बरौनी के हर्ल ग्राउंड में होना यहां के पशुपालकों के लिए गर्व की बात है। एक्सपो के माध्यम से हमारे किसानों और पशुपालकों को एक ही छत के नीचे आधुनिक तकनीक, उन्नत नस्ल के मवेशी और डेयरी उद्योग की बारीकियों को समझने का मौका मिल रहा है। यह आयोजन पशुपालकों को पारंपरिक तरीकों से हटकर वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। जब तक हमारे पशुपालक सशक्त और समृद्ध नहीं होंगे, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मजबूत नहीं हो सकती। बिहार सरकार और संबंधित विभाग इस दिशा में बेहतर काम कर रहे हैं। जिससे पशुपालन को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में स्थापित किया जा सके। यहां उमड़ी पशुपालकों की यह भीड़ बताती है कि लोग नई तकनीक को सीखने के लिए कितने उत्सुक हैं। बेगूसराय के बीहट के पास स्थित हर्ल खाद कारखाना ग्राउंड में आज से तीन दिवसीय बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का शुभारंभ हो गया है। इसका मकसद है कि बिहार के पशुपालकों को नए नस्ल और नई तकनीक से रुबरु कराया जाए। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के पशुपालन मंत्री सुरेंद्र मेहता और विधान पार्षद सर्वेश कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के पहले ही दिन पूरे जिले के साथ-साथ राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पशुपालक और किसान पहुंचे। एक्सपो का मुख्य उद्देश्य पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। बिहार में मवेशियों की यह अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी मानी जा रही है, जहां उन्नत नस्ल के गाय और हरियाणा से आया भैंसा (विधायक) आकर्षण का केंद्र हैं। बीमारियों से बचाव की जानकारी दी कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पालन-पोषण और बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। इसमें डेयरी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां अपने आधुनिक यंत्रों और फीड प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन कर रही हैं। कृषिका की ओर से 30 जनवरी तक आयोजित एक्सपो में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, कॉम्फेड और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना सहयोग कर रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बिहार में बेगूसराय का दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है। इस कार्यक्रम का यहां आयोजन होने का एक मुख्य कारण यही है। यहां डेयरी है, जिसके माध्यम से पशुपालक किसानों को इस क्षेत्र में नई संभावनाओं की एक जीती-जागती तस्वीर दिखाई देती है। उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ आए लोग मंत्री ने कहा है कि बिहार सरकार की यह स्पष्ट सोच है कि आने वाले समय में पशुपालक किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आए और उनके घर में समृद्धि आए। आज यहां कई राज्यों के लोग अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ आए हैं। हमारे बिहार के किसान यहां आकर यह देखेंगे कि उन्नत सीमेन और पशुपालन के क्षेत्र में और क्या बेहतर किया जा सकता है। सुरेंद्र मेहता ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार भी अन्य राज्यों की तुलना में पशुपालन के क्षेत्र में बहुत आगे जाएगा। हमारे दूध और इससे बने उत्पाद दुनिया के बाजारों में बिकेंगे। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और वे सशक्त बनेंगे। इस तरह के आयोजनों से किसान उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपने प्रदर्शन को और बेहतर कर पाएंगे। वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा आयोजन विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि बेगूसराय की धरती शुरू से ही डेयरी के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखती है। यहां का डेयरी उद्योग न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इस तरह के बिहार डेयरी एण्ड कैटल एक्सपो का आयोजन बरौनी के हर्ल ग्राउंड में होना यहां के पशुपालकों के लिए गर्व की बात है। एक्सपो के माध्यम से हमारे किसानों और पशुपालकों को एक ही छत के नीचे आधुनिक तकनीक, उन्नत नस्ल के मवेशी और डेयरी उद्योग की बारीकियों को समझने का मौका मिल रहा है। यह आयोजन पशुपालकों को पारंपरिक तरीकों से हटकर वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। जब तक हमारे पशुपालक सशक्त और समृद्ध नहीं होंगे, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मजबूत नहीं हो सकती। बिहार सरकार और संबंधित विभाग इस दिशा में बेहतर काम कर रहे हैं। जिससे पशुपालन को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में स्थापित किया जा सके। यहां उमड़ी पशुपालकों की यह भीड़ बताती है कि लोग नई तकनीक को सीखने के लिए कितने उत्सुक हैं।  

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