एक वर्ष से कम अवधि के किरायानामा का पंजीयन अनिवार्य

एक वर्ष से कम अवधि के किरायानामा का पंजीयन अनिवार्य

बीकानेर. राजस्थान में एक वर्ष से कम अवधि के किराए नामों का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। कार्यालय पंजीयन एवं मुद्रांक बीकानेर-वृत्त की उप महानिरीक्षक मनीषा लेघा ने बताया कि पूर्व में एक वर्ष के कम अवधि के किराए नामों का पंजीकरण करवाया जाना ऐच्छिक था।

उन्होंने बताया कि 2 दिसंबर 2025 की राज्य अधिसूचना द्वारा रजिस्ट्रीकरण (राजस्थान संशोधन) अधिनियम 2025 लागू किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा 17 के तहत एक वर्ष से कम अवधि के किरायानामों का पंजीयन करवाया जाना अनिवार्य किया गया है। अधिनियम के तहत सभी किरायेदारों व संपत्ति मालिकों को अधिसूचना जारी होने की अवधि के बाद के किराए नामों का पंजीकरण उप पंजीयक कार्यालयों में अनिवार्य रूप से करवाना होगा पंजीकरण नहीं करवाने की स्थिति में नियमानुसार संबंधी पक्षकारों को नोटिस देते हुए वसूली की कार्यवाही की जाएगी।

अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट की सख्ती, निगम आयुक्त से मांगा जवाब

बीकानेर. अवैध निर्माण के मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने नगर निगम प्रशासन पर सख्ती दिखाते हुए की गई कार्रवाई के बारे में जवाब तलब किया है। कोर्ट ने निगम आयुक्त से अवैध निर्माण पर कार्रवाई का शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करने के आदेश दिए है।

न्यायाधीश संजीत पुरोहित ने दौलत राम बनाम महेश्वरी सदन ट्रस्ट प्रकरण में यह आदेश दिया है। याचिका में ट्रायल कोर्ट के 12 अगस्त 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अस्थायी निषेधाज्ञा की अर्जी इस आधार पर खारिज कर दी गई थी कि अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम कार्रवाई कर रहा है। याचिकाकर्ता ने अवगत कराया गया कि ट्रायल कोर्ट की ओर से जिस कार्रवाई का हवाला दिया गया, वह कहीं नजर नहीं आ रही है।

नगर निगम की ओर से बताया गया कि अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन कार्रवाई की वर्तमान स्थिति बताने के लिए समय मांगा गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निगम आयुक्त से व्यक्तिगत शपथपत्र तलब किया है।

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