भारत (India) और यूरोपीय यूनियन (European Union – EU) के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील हो गई है। इसके तहत दोनों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है, जिसे यूरोपीय कमीशन (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भी बताया है। उनके और यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (António Costa) के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात के दौरान यह डील हुई, जिसकी दुनियाभर में चर्चा है। लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है, जिसका फायदा भारत और यूरोपीय यूनियन को ज़बरदस्त फायदा होगा। यह समझौता 2026 में लागू होने की उम्मीद है, जो दोनों पक्षों के बीच साझा समृद्धि और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू करेगा। अब इस मामले पर अमेरिका (United States Of America) की तरफ से प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।
भारत को होगा ज़बरदस्त फायदा
अमेरिकी अधिकारी और ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर (Jamieson Greer) ने भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उनसे जब इस समझौते के बारे में सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि यह डील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बड़े टैरिफ सिस्टम और ट्रेड नीतियों का जवाब है। ग्रीर ने कहा कि इस डील से भारत को ज़बरदस्त फायदा होगा और भारतीय सामान को यूरोप में ज़्यादा मार्केट एक्सेस मिलेगा और साथ ही कुछ अतिरिक्त इमिग्रेशन अधिकार भी मिलेंगे। उनका मानना है कि भारत के लिए यह बहुत अच्छा समय होगा।
अमेरिका के लिए बड़ा झटका?
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई यह डील अमेरिका के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। यूरोपीय यूनियन पर ट्रंप के लगातार दबाव और टैरिफ की धमकियों के बीच भारत से हुई ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से अमेरिका को नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं, कुछ दिन पहले ही यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका से ट्रेड डील पर भी रोक लगा दी थी।


