मुरादाबाद में 18 साल पुराने अपहरण और हत्या के एक मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के कन्विक्शन (दोषसिद्धि) अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते आया है। मामला थाना मझोला क्षेत्र से जुड़ा है। मुकदमा संख्या 378/2008 में अभियुक्त महेंद्र पुत्र रामचंद्र सैनी, निवासी जयंतीपुर, को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 364 (अपहरण) और 404 (चोरी की संपत्ति) के तहत दोषी पाया गया। घटना 19 मई 2008 की है। अभियोजन के अनुसार, अभियुक्त महेंद्र ने वादी अनिल कुमार यादव के भाई का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। यह वारदात जयंतीपुर बगिया क्षेत्र में अंजाम दी गई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे-04) के न्यायाधीश श्री चंचल लवानिया की अदालत में हुई। सरकारी पक्ष की ओर से एडीजीसी श्री प्रदीप कुमार ने प्रभावी ढंग से पैरवी की, जबकि मामले की विवेचना थाना मझोला के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक श्री गीतेश कपिल द्वारा की गई थी। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त महेंद्र को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 27,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। पुलिस प्रशासन ने इस फैसले को न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया है और कहा है कि कन्विक्शन अभियान के तहत दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


