वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में बाघ का शव मिला:गन्ने के खेत में लोगों ने देखा, करंट लगने की आशंका, पोस्टमॉर्टम के लिए वन विभाग ले गया

वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में बाघ का शव मिला:गन्ने के खेत में लोगों ने देखा, करंट लगने की आशंका, पोस्टमॉर्टम के लिए वन विभाग ले गया

बेतिया के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के गन्ने के खेत में सुबह-सुबह बाघ का शव मिला है। स्थानीय चरवाहों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर रेंजर सुनील कुमार पाठक के नेतृत्व में वनकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक आशंका जताई गई है कि दो बाघों के आपसी संघर्ष में इस बाघ की मौत हुई होगी। हालांकि, एक अन्य पहलू पर भी जांच चल रही है, जिसमें एक किसान द्वारा जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाए गए तार में करंट प्रवाहित होने की संभावना शामिल है। यह शव जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के पुरैनिया गांव के पास एक गन्ने के खेत में पाया गया। बाघ के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मंगुराहा ले जाया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
15 साल में सात गुना बढ़ी बाघों की संख्या
बीते वर्षों में हुई बाघों की गणना के आधिकारिक रिकॉर्ड से ये जानकारी मिलती है कि VTR में वर्ष 2010 में सिर्फ 8 बाघों का निवास था, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 54 हो गए। मजे की बात यह है कि वर्तमान में भी देश भर में बाघों की गणना का कार्य चल रहा है, जिसमें VTR में बाघों की संख्या 54 से बढ़कर 70 होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह वृद्धि बिहार के एकमात्र टाइगर रिज़र्व के लिए एक महत्वपूर्ण संरक्षण सफलता का प्रतीक साबित हो रहा है। बेतिया के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के गन्ने के खेत में सुबह-सुबह बाघ का शव मिला है। स्थानीय चरवाहों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर रेंजर सुनील कुमार पाठक के नेतृत्व में वनकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक आशंका जताई गई है कि दो बाघों के आपसी संघर्ष में इस बाघ की मौत हुई होगी। हालांकि, एक अन्य पहलू पर भी जांच चल रही है, जिसमें एक किसान द्वारा जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाए गए तार में करंट प्रवाहित होने की संभावना शामिल है। यह शव जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के पुरैनिया गांव के पास एक गन्ने के खेत में पाया गया। बाघ के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मंगुराहा ले जाया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
15 साल में सात गुना बढ़ी बाघों की संख्या
बीते वर्षों में हुई बाघों की गणना के आधिकारिक रिकॉर्ड से ये जानकारी मिलती है कि VTR में वर्ष 2010 में सिर्फ 8 बाघों का निवास था, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 54 हो गए। मजे की बात यह है कि वर्तमान में भी देश भर में बाघों की गणना का कार्य चल रहा है, जिसमें VTR में बाघों की संख्या 54 से बढ़कर 70 होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह वृद्धि बिहार के एकमात्र टाइगर रिज़र्व के लिए एक महत्वपूर्ण संरक्षण सफलता का प्रतीक साबित हो रहा है।  

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