बांका में राजस्व समीक्षा बैठक:अविनाश सिंह ने दिए सख्त निर्देश, भूमि मामलों में उच्च न्यायालय अपील, 15 फरवरी तक पंजी तैयार, वसूली पर फोकस

बांका में राजस्व समीक्षा बैठक:अविनाश सिंह ने दिए सख्त निर्देश, भूमि मामलों में उच्च न्यायालय अपील, 15 फरवरी तक पंजी तैयार, वसूली पर फोकस

भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त अविनाश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बांका जिले के राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की गई।इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्त्ता,जिला नीलामपत्र पदाधिकारी,जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,जिला बंदोबस्त पदाधिकारी और भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता,बांका उपस्थित थे। जिले के सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त अविनाश कुमार सिंह ने जिले में राजस्व प्रशासन को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।उन्होंने अपर समाहर्त्ता,बांका को सरकारी भूमि से संबंधित न्यायालय में दायर सभी वादों की नियमित निगरानी जिला राजस्व शाखा के माध्यम से कराने का निर्देश दिया। उच्चतर न्यायालय में अपील की जानी चाहिए
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी भूमि मामले में निचली अदालत से प्रतिकूल निर्णय आता है, तो उच्चतर न्यायालय में अपील अवश्य की जानी चाहिए।उन्होंने बांका जिले के प्रत्येक अंचल में वन विभाग की भूमि से संबंधित अद्यतन जानकारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। सभी अंचलाधिकारियों को प्रत्येक अंचल में पंचायतवार और हल्कावार गैरमजरुआ भूमि की पंजी 15 फरवरी 2026 तक तैयार करने के लिए कहा गया।इसके अतिरिक्त,परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 90 प्रतिशत का निष्पादन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। विभागीय वसूली को प्रोत्साहन नहीं देने की बात भी कही
पीएम किसान एग्रीस्टेक योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए अपर समाहर्त्ता,बांका को अपने स्तर से नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।जिले के सभी सैरातों की बंदोबस्ती के लिए हरसंभव प्रयास करने और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। विभागीय वसूली को प्रोत्साहन नहीं देने की बात भी कही गई। आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए,सभी अंचलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि प्रत्येक राजस्व कर्मचारी का बैठने का स्थान पूर्व निर्धारित हो।इससे लोगों को कार्यालय में भटकना नहीं पड़ेगा। भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता और सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने स्तर से हल्का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।साथ ही,भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता को नियमित रूप से न्यायालय में सुनवाई कर नियमानुसार आदेश पारित करने को कहा गया। एक लाख रुपये तक वसूली सुनिश्चित करने को कहा
दाखिल-खारिज मामलों में विधिवत नोटिस जारी करने, राजस्व कर्मचारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने तथा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लैंड बैंक हेतु भूमि प्रस्ताव उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। अंचलाधिकारी-सह-नीलामपत्र पदाधिकारी को प्रत्येक माह न्यूनतम 50 हजार से एक लाख रुपये तक वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं जिला नीलामपत्र पदाधिकारी को सबसे पुराने एवं अधिक राशि वाले वादों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने तथा प्रत्येक माह रजिस्टर-IX एवं X का मिलान करने का निर्देश दिया गया। भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त अविनाश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बांका जिले के राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की गई।इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्त्ता,जिला नीलामपत्र पदाधिकारी,जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,जिला बंदोबस्त पदाधिकारी और भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता,बांका उपस्थित थे। जिले के सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त अविनाश कुमार सिंह ने जिले में राजस्व प्रशासन को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।उन्होंने अपर समाहर्त्ता,बांका को सरकारी भूमि से संबंधित न्यायालय में दायर सभी वादों की नियमित निगरानी जिला राजस्व शाखा के माध्यम से कराने का निर्देश दिया। उच्चतर न्यायालय में अपील की जानी चाहिए
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी भूमि मामले में निचली अदालत से प्रतिकूल निर्णय आता है, तो उच्चतर न्यायालय में अपील अवश्य की जानी चाहिए।उन्होंने बांका जिले के प्रत्येक अंचल में वन विभाग की भूमि से संबंधित अद्यतन जानकारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। सभी अंचलाधिकारियों को प्रत्येक अंचल में पंचायतवार और हल्कावार गैरमजरुआ भूमि की पंजी 15 फरवरी 2026 तक तैयार करने के लिए कहा गया।इसके अतिरिक्त,परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 90 प्रतिशत का निष्पादन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। विभागीय वसूली को प्रोत्साहन नहीं देने की बात भी कही
पीएम किसान एग्रीस्टेक योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए अपर समाहर्त्ता,बांका को अपने स्तर से नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।जिले के सभी सैरातों की बंदोबस्ती के लिए हरसंभव प्रयास करने और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। विभागीय वसूली को प्रोत्साहन नहीं देने की बात भी कही गई। आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए,सभी अंचलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि प्रत्येक राजस्व कर्मचारी का बैठने का स्थान पूर्व निर्धारित हो।इससे लोगों को कार्यालय में भटकना नहीं पड़ेगा। भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता और सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने स्तर से हल्का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।साथ ही,भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता को नियमित रूप से न्यायालय में सुनवाई कर नियमानुसार आदेश पारित करने को कहा गया। एक लाख रुपये तक वसूली सुनिश्चित करने को कहा
दाखिल-खारिज मामलों में विधिवत नोटिस जारी करने, राजस्व कर्मचारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने तथा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लैंड बैंक हेतु भूमि प्रस्ताव उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। अंचलाधिकारी-सह-नीलामपत्र पदाधिकारी को प्रत्येक माह न्यूनतम 50 हजार से एक लाख रुपये तक वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं जिला नीलामपत्र पदाधिकारी को सबसे पुराने एवं अधिक राशि वाले वादों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने तथा प्रत्येक माह रजिस्टर-IX एवं X का मिलान करने का निर्देश दिया गया।  

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